शताब्दी वर्ष के इस उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव डॉ. पी. के. मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे
शताब्दी वर्ष के इस उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव डॉ. पी. के. मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। राष्ट्रीय नीति-निर्माण, सुशासन तथा तकनीकी परिवर्तन के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उनकी भूमिका अत्यंत प्रभावशाली रही है, और उनका आगमन इस ऐतिहासिक अवसर के महत्व को और अधिक रेखांकित करता है। उद्घाटन के अवसर पर कई विशिष्ट वक्ता, वैज्ञानिक, वरिष्ठ प्रशासक, उद्योग-जगत के नेता और भू-विज्ञान एवं ऊर्जा क्षेत्रों के दिग्गज भी उपस्थित रहेंगे, जिनके चित्र संस्थान के आधिकारिक बैनर में प्रदर्शित हैं।
पहले दिन का कार्यक्रम संस्थान की परंपरा और आधुनिक भारत की तकनीकी आकांक्षाओं, दोनों को जोड़ते हुए तैयार
पहले दिन का कार्यक्रम संस्थान की परंपरा और आधुनिक भारत की तकनीकी आकांक्षाओं, दोनों को जोड़ते हुए तैयार किया गया है। सुबह शताब्दी वृक्षारोपण से कार्यक्रम की शुरुआत होगी, जो संस्थान की पर्यावरणीय प्रतिबद्धता और ‘ग्रीन कैंपस’ की दिशा में उसके संकल्प का प्रतीक है। इसी समय शताब्दी रक्तदान शिविर भी आयोजित होगा है।
आत्मनिर्भरता के आधार पर किस दिशा में आगे बढ़ना चाहिए
इसके बाद पेनमैन ऑडिटोरियम में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ औपचारिक उद्घाटन होगा। जिसके बाद होगा पहला प्रमुख विचार-विमर्श सत्र “अमृत काल विमर्श: विकसित भारत @ 2047” जो आने वाले सप्ताह के बौद्धिक वातावरण को परिभाषित करेगा। यह विमर्श इस बात पर केंद्रित होगा कि राष्ट्र की स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर भारत को विज्ञान, तकनीक, नवाचार और आत्मनिर्भरता के आधार पर किस दिशा में आगे बढ़ना चाहिए, और इस परिवर्तन में आईआईटी (आईएसएम) जैसे संस्थानों की क्या भूमिका होनी चाहिए।
दिन का सबसे आकर्षक और नवाचार-प्रधान चरण होगा ज्ञान-विज्ञान प्रांगण का उद्घाटन, एक विस्तृत विज्ञान एवं तकनीक प्रदर्शनी, जिसमें 3D मेटावर्स आधारित माइनिंग एप्लिकेशन, सेस्मोलॉजी के उन्नत मॉडल, डिजिटल ट्विन, रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समर्थित औद्योगिक समाधान, स्वच्छ ऊर्जा तकनीकें, और भविष्य की इंजीनियरिंग प्रयोगशालाओं की प्रभावशाली झलक देखने को मिलेगी। धनबाद की जनता भी इस प्रदर्शनी को देख सकेंगे, जिसमे 100 वर्ष पूर्व कोयले का खनन कैसे होता था और अब किस तरीके से कोयले का खनन किया जा रहा है, साथ ही पेट्रोलियम, सेमीकंडक्टर इत्यादि को भी देख और समझ पाएंगे।
इसके साथ ही अमृत काल विमर्श, टेक्नोलॉजी एवं स्किल इनिशिएटिव्स फॉर विकसित भारत @ 2047 विषयक व्यापक प्लेनरी लेक्चर आयोजित होंगे। इनमें भारत की तकनीकी क्षमता, कौशल-उन्नयन, नवाचार पारितंत्र, भविष्य के उद्योगों और रणनीतिक क्षेत्रों में आईआईटी की भूमिका पर महत्वपूर्ण विचार साझा किए जाएंगे।
बुधवार की साम परिसर सांस्कृतिक रंग में रंग जाएगा, जब कवि सम्मेलन एवं सांस्कृतिक संध्या, शंभू शिखर एवं समूह की प्रस्तुति के साथ, शताब्दी उत्सव के प्रथम दिन को एक सजीव, हृदय-स्पर्शी अनुभव प्रदान करेगी।
आगामी दिनों में महत्वपूर्ण राष्ट्रीय विषयों पर संगोष्ठियों, कार्यशालाओं
शताब्दी सप्ताह के आगामी दिनों में महत्वपूर्ण राष्ट्रीय विषयों पर संगोष्ठियों, कार्यशालाओं, छात्रों के नवाचार प्रदर्शन, तकनीकी प्रदर्शनी, विरासत यात्रा, विद्यालयों के लिए विशेष कार्यक्रम, पूर्व छात्रों का महा-सम्मेलन तथा 9 दिसंबर के भव्य शताब्दी स्थापना दिवस समारोह सहित अनेक कार्यक्रम आयोजित होंगे। समापन समारोह में अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी शामिल होंगे। सप्ताह का समापन एक अभूतपूर्व ड्रोन शो के साथ होगा, जो संस्थान के अगले सौ वर्षों की उड़ान का रूपक प्रस्तुत करेगा।