Adityapur News: आदित्यपुर स्थित अधिवक्ता संघ के कार्यालय में बुधवार को भारत के प्रथम राष्ट्रपति देश रत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद की 142वीं जयंती और "अधिवक्ता दिवस" का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में दर्जनों अधिवक्ताओं ने भाग लिया. सर्वप्रथम, डॉ. राजेंद्र प्रसाद जी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई.
कार्यक्रम की अध्यक्षता अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष डी. एन. ओझा ने की और सभी अधिवक्ताओं का स्वागत किया. मुख्य संरक्षक ओम प्रकाश ने कहा कि डॉ. राजेंद्र प्रसाद एक कुशल अधिवक्ता और समाज के प्रति गहरी जवाबदेही रखने वाले महापुरुष थे. उनके नेतृत्व में भारत दुनिया का सबसे बड़ा प्रजातांत्रिक देश बना.
संरक्षक मंडली की सदस्य रंजना मिश्रा ने अधिवक्ताओं से नियमित प्रैक्टिस के साथ सामाजिक कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का संकल्प दिलाया. सुनील कुमार सवाई ने अधिवक्ता दिवस को ऐतिहासिक बनाने के लिए इस दिन का चयन गौरवपूर्ण बताया. अरुण कुमार सिंह और राजेश कुमार ठाकुर ने अधिवक्ताओं से पूरे जोश के साथ मनाने का आह्वान किया और सरकार से हर जिले में अधिवक्ताओं के लिए आवास की मांग उठाई.
अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष डी. एन. ओझा ने कहा कि आदित्यपुर खरकाई पुल, रेलवे स्टेशन और आदित्यपुर-कांड्रा सड़क के निर्माण में अधिवक्ताओं का योगदान रहा है. उन्होंने रोड नंबर 32, आदित्यपुर दो से रेलवे स्टेशन जाने वाली मोड़ को "अधिवक्ता चौक" नाम देने का प्रस्ताव रखा, जिसे सभी अधिवक्ताओं ने समर्थन दिया और वहां एक बोर्ड लगाया गया.
कार्यक्रम में बृजेश कुमार वर्मा, राजेश बिहारी सहाय, आलोक चटर्जी, मनोज दुबे, सुमन विश्वकर्मा, निशांत कुमार, मनोज कुमार, डी. एन. शर्मा, गौरव कुमार, संजीव झा, महेश ठाकुर, अमूल्य प्रधान, सिकंदर सिंह, जगन्नाथ आचार्य, शेफाली मंडल समेत कई अधिवक्ता शामिल हुए.
सचिव रवि शंकर पासवान ने कार्यक्रम का संचालन किया और अंत में सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया. समापन के बाद अधिवक्ताओं ने लिट्टी भोज का आनंद लिया.