कार्यक्रम का शुभारंभ अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के अध्यक्ष मदन मोहन प्रसाद ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद के चित्र पर पुष्प अर्पित कर और दीप प्रज्वलित कर किया। अपने संबोधन में प्रसाद ने कहा कि देशरत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद सादगी, सेवा और विद्वता की प्रतिमूर्ति थे। उन्होंने भारतीय संविधान के निर्माण में उनकी अहम भूमिका को याद करते हुए उपस्थित सदस्यों से उनके दिखाए मार्ग पर चलने और उच्च नैतिक मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने का आग्रह किया।
महासभा के महामंत्री अनिल कुमार सिन्हा ने भी सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि राजेंद्र बाबू का जीवन संघर्ष और उनकी विनम्रता हम सभी के लिए, विशेषकर युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। हमें गर्व है कि ऐसे महापुरुष ने हमारे समाज और देश का मान बढ़ाया। कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख सदस्य: इस अवसर पर अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और सदस्य मौजूद थे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे।
मुरारी प्रसाद वर्मा
सरस कुमार श्रीवास्तव
राजीव कुमार श्रीवास्तव
रंजीत कुमार श्रीवास्तव
कृष्ण कांत सिन्हा
दिनेश कुमार श्रीवास्तव
अमरेश कुमार श्रीवास्तव
शंभू शरण श्रीवास्तव
दिनेश श्रीवास्तव
कार्यक्रम के अंत में सभी सदस्यों ने सामूहिक रूप से डॉ. राजेंद्र प्रसाद को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की और राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देने का संकल्प लिया।