भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो पिछले कई दिनों से भारी अव्यवस्था का सामना कर रही है। पायलटों की कमी, ड्यूटी और आराम के नए नियमों और आंतरिक प्रबंधन की गड़बड़ियों के कारण शुक्रवार और शनिवार को देशभर में कई हजार उड़ानें रद्द हुई। जिससे बड़ी संख्या में यात्री हवाई अड्डों पर फंसे हुए हैं। सीमित जानकारी और वैकल्पिक उड़ानों की कमी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।
कहां-कहां उड़ानें रद्द हुईं? जानें
देश के लगभग सभी प्रमुख हवाई अड्डों पर इंडिगो की बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द हो गईं। कुछ मुख्य स्थानों पर स्थिति इस तरह रही:
दिल्ली एयरपोर्ट: 37 प्रस्थान और 49 आगमन यानी कुल 86 उड़ानें रद्द
मुंबई एयरपोर्ट: 37 प्रस्थान और 49 आगमन, कुल 86 उड़ानें रद्द
हैदराबाद एयरपोर्ट: 66 उड़ानें रद्द
पुणे एयरपोर्ट: 42 उड़ानें रद्द
तिरुवनंतपुरम: 6 उड़ानें रद्द
अहमदाबाद: रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक 19 उड़ानें रद्द
यानी सिर्फ एक दिन में करीब 300 उड़ानें बंद रहीं और पिछले चार दिनों में तो यह संख्या हजार के पार चली गई।
यात्री परेशान! कहीं रोना पड़ा, कहीं उम्मीद टूट गई
इंडिगो की अचानक रद्द हुई उड़ानों का सीधा असर आम यात्रियों पर पड़ा। कई लोग अपनी ज़रूरी यात्राएं पूरी नहीं कर पाए।
दिल्ली में एक यात्री ने कहा कि उनकी मां अस्पताल में भर्ती हैं, मगर उड़ान रद्द होने से पहुंच नहीं पाए।
गुवाहाटी जाने वाले एक युवा ने कहा कि उनका 6–7 महीने का परिश्रम बेकार हो गया, क्योंकि उन्हें स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन में हिस्सा लेना था, लेकिन वह पहुंच ही नहीं सके।
गुवाहाटी एयरपोर्ट पर एक सेना का जवान अपने परिवार के साथ फंसा रहा और बोला कि उसे रद्दीकरण की कोई सूचना नहीं मिली।
अहमदाबाद में एक यात्री रो पड़ा क्योंकि घंटों इंतजार के बाद भी कोई विकल्प नहीं मिला।
एक पिता अपने बेटे को पहली बार देखने घर जाना चाहता था, लेकिन उसकी फ्लाइट भी रद्द हो गई।
एयरपोर्ट्स पर लंबे कतारें, अफरा-तफरी और कई शिकायतें
बड़ी संख्या में उड़ानें अचानक रद्द की गईं, इसलिए कई हवाई अड्डों पर लंबी-लंबी कतारें लगी, काउंटरों पर भीड़ बढ़ी, यात्रियों को घंटे भर इंतजार करना पड़ा, वैकल्पिक विकल्प बहुत महंगे या उपलब्ध नहीं थे।
कोलकाता–मुंबई और मुंबई–भुवनेश्वर जैसी रूट्स पर किराए आम दिनों से तीन गुना तक बढ़ गए। कुछ टिकट तो 80–90 हज़ार रुपये तक पहुंच गए।
इंडिगो ने माफी मांगी, राहत उपाय घोषित किए
इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स ने वीडियो संदेश में कहा कि वह समझते हैं कि यात्रियों को भारी परेशानी हुई है, और एयरलाइन इसके लिए माफी चाहती है।
एयरलाइन ने यात्रियों को कुछ राहत भी दी है
सभी रद्द उड़ानों का ऑटो रिफंड
5–15 दिसंबर की टिकटों पर रद्दीकरण/पुनर्निर्धारण शुल्क माफ
बड़े शहरों में यात्रियों के लिए होटल और भोजन की व्यवस्था
वैकल्पिक उड़ानों तक पहुंचाने के लिए ग्राउंड ट्रांसपोर्ट
बुज़ुर्ग यात्रियों के लिए जहां संभव हो लाउंज एक्सेस
इंडिगो के।सीईओ का कहना है कि 10 से 15 दिसंबर के बीच हालात सामान्य हो सकते हैं, लेकिन अभी थोड़ा समय लगेगा।
सरकार और डीजीसीए की कार्रवाई
नागरिक उड्डयन मंत्री ने साफ कहा कि समस्या इंडिगो के क्रू मैनेजमेंट में गड़बड़ी के कारण हुई है।
डीजीसीए ने इंडिगो को रात की ड्यूटी नियमों में कुछ छूट दी है ताकि कामकाज जल्दी सामान्य हो सके।
एक चार सदस्यीय जांच समिति बनाई गई है जो पता लगाएगी कि आखिर गलती कहां हुई।
रेलवे ने भी मदद के लिए 37 प्रीमियम ट्रेनों में 116 अतिरिक्त कोच जोड़ दिए हैं।
दूसरी एयरलाइंस की मदद
स्पाइसजेट ने इंडिगो के संकट के बीच 100 अतिरिक्त उड़ानें चलाई हैं ताकि यात्रियों को कुछ राहत मिल सके।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस पूरे संकट के लिए सरकार पर सवाल उठाए और कहा कि विमानन क्षेत्र में एकाधिकार जैसी स्थिति बन गई है, जिसकी कीमत यात्रियों को चुकानी पड़ रही है।
कुल मिलाकर स्थिति
इंडिगो रोज़ लगभग 2,300 उड़ानें चलाता है, इसलिए उसके संचालन में गड़बड़ी का असर देशभर पर पड़ा है। उम्मीद है कि कुछ दिनों में स्थिति सामान्य हो जाएगी, लेकिन फिलहाल यात्रियों को सफर से पहले उड़ान का स्टेटस अवश्य जांचने की सलाह दी जा रही है।