Jamshedpur News: लाल बाबा फाउंड्री बस्ती में स्थानीय लोगों ने टाटा स्टील पर मनमानी का गंभीर आरोप लगाया है. बस्तीवासियों का कहना है कि कंपनी के भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से इलाके में जाम की समस्या बनी रहती है. पिछले सात महीनों में ऐसी स्थितियों के कारण 13 लोगों की जान जा चुकी है और कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं. इससे स्थानीय लोगों में गहरी नाराजगी है.
नागरिकों का आरोप है कि घनी आबादी वाले क्षेत्र में डब्लूआरपी वेस्ट स्टैग प्रोसेसिंग प्लांट चलाया जा रहा है. लोगों का कहना है कि इससे निकलने वाली जहरीली डस्ट के कारण बस्ती में रहने वाले परिवार लगातार प्रदूषण की मार झेल रहे हैं. स्थानीय निवासियों ने यह सवाल उठाया है कि किस कानून के तहत ऐसी इकाई आबादी के बीच संचालित की जा रही है. इसके साथ ही यह भी आरोप है कि कंपनी आवासीय क्षेत्र को तोड़कर विस्तार कार्य कर रही है जबकि इसकी अनुमति पर स्पष्टता नहीं है.
इन सभी मुद्दों को लेकर बस्तीवासियों ने आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है. नागरिकों का कहना है कि जल्द ही कंपनी गेट और एमडी आवास का घेराव किया जाएगा. यह पूरा कार्यक्रम भाजपा नेता रामबाबू तिवारी की अगुवाई में बस्ती बचाव संघर्ष समिति के बैनर तले होगा.
बैठक में सतवीर सिंह सोमू, दीपक झा, दुर्गा राव, गिरधारी बाबु, रितेश झा, राजन सिंह, रिंकू सिंह, राम मरडी, शशि सिंह, मिथु चौधरी सहित सैकड़ों बस्तीवासी मौजूद रहे.
फाउंड्री बस्ती का मामला उद्योग और स्थानीय आबादी के बीच टकराव का एक और उदाहरण बनता जा रहा है. भारी वाहनों के जाम से लेकर प्रदूषण और आवासीय क्षेत्र में विस्तार के आरोप तक, लोगों की शिकायतें साफ तौर पर कंपनी की कार्यशैली पर सवाल उठाती हैं. आंदोलन की तैयारी यह दिखाती है कि समस्या अब केवल बातचीत तक सीमित नहीं है बल्कि टकराव की स्थिति पैदा होती दिख रही है. यह मामला प्रशासन के लिए भी परीक्षा है क्योंकि औद्योगिक विकास और स्थानीय नागरिकों के अधिकारों के बीच संतुलन बनाना अब जरूरी हो गया है.