रेल भवन में मंत्री की उच्च स्तरीय बैठक
इस नई योजना की रूपरेखा शनिवार को रेल भवन में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में तय की गई। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए इस बात पर जोर दिया कि खान-पान यात्रा का एक अहम हिस्सा है। उन्होंने निर्देश दिया कि वंदे भारत ट्रेनों में स्थानीय भोजन उपलब्ध कराया जाए ताकि यात्रियों को उस क्षेत्र की संस्कृति और स्वाद से जुड़ने का मौका मिले।
जानिए रेलवे ने क्यों लिया यह फैसला
रेल मंत्री ने बैठक के दौरान कहा, "स्थानीय भोजन की सेवा यात्रियों के अनुभव को कई गुना बेहतर बनाएगी। जब यात्री किसी विशिष्ट राज्य या शहर से गुजरें, तो उन्हें वहां के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद मिलना चाहिए।"उदाहरण के लिए, यदि ट्रेन गुजरात से गुजर रही है तो मेन्यू में ढोकला या थेपला हो सकता है, वहीं दक्षिण भारत की यात्रा के दौरान इडली-डोसा जैसे व्यंजन शामिल किए जा सकते हैं। रेलवे का मानना है कि इससे न केवल यात्रियों को विविधता मिलेगी, बल्कि वोकल फॉर लोकल की मुहिम को भी बढ़ावा मिलेगा।
फर्जी टिकट बुकिंग पर सख्त कार्रवाई
खाने के अलावा, रेलवे ने टिकट बुकिंग में हो रही धांधली को रोकने के लिए भी कमर कस ली है। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि त्योहारों और छुट्टियों के दौरान यात्रियों को कन्फर्म टिकट पाने में होने वाली दिक्कतों को दूर करने के लिए फर्जी बुकिंग और दलालों पर सख्ती बढ़ाई जाएगी। तकनीक के माध्यम से अवैध सॉफ्टवेयर और संदिग्ध आईडी को ब्लॉक करने की प्रक्रिया और तेज की जाएगी।
भविष्य की योजना पर ध्यान
फिलहाल यह योजना वंदे भारत ट्रेनों से शुरू की जा रही है, लेकिन रेल मंत्री ने स्पष्ट किया है कि सफल होने पर इसे धीरे-धीरे देश की अन्य सभी प्रमुख ट्रेनों में भी लागू किया जाएगा। रेलवे के इस कदम से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि यात्रियों का सफर भी अब पहले से ज्यादा जायकेदार होगा।