Jharkhand News: झारखंड हाई कोर्ट से गैंगस्टर अमन श्रीवास्तव को बड़ी राहत मिली है. हाई कोर्ट की खंडपीठ ने दो अलग-अलग मामलों में अमन श्रीवास्तव को जमानत दे दी है. अदालत ने माना कि इन मामलों में अमन श्रीवास्तव की सीधी संलिप्तता स्पष्ट रूप से सामने नहीं आती है.
कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि अभियोजन पक्ष की ओर से जिन तथ्यों का उल्लेख किया गया है, उनमें अमन श्रीवास्तव का नाम मुख्य रूप से अन्य आरोपियों के कथित स्वीकारोक्ति बयान के आधार पर जोड़ा गया है. हालांकि रिकॉर्ड पर ऐसा कोई ठोस साक्ष्य नहीं है जिससे यह साबित हो सके कि इन घटनाओं में उनका प्रत्यक्ष और सीधा संबंध रहा हो.
पहला मामला एटीएस रांची से जुड़ा है, जिसमें पुलिस ने सिद्धार्थ साहू और विनोद पांडे के पास से लगभग 27 लाख रुपये बरामद किए थे. जांच एजेंसी का दावा था कि यह रकम अमन श्रीवास्तव की है और इसी आधार पर कई लोगों को आरोपी बनाया गया था. कोर्ट ने इस बिंदु पर स्पष्ट किया कि केवल बरामदगी के कथित दावे से अमन श्रीवास्तव की भूमिका स्वतः स्थापित नहीं होती है.
दूसरा मामला हिंदपीढ़ी थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां एक आरोपी के पास से फायर आर्म्स और बम बरामद किए गए थे. जांच के दौरान इन हथियारों को अमन श्रीवास्तव गैंग से जुड़ा बताया गया था. हालांकि अदालत ने पाया कि इस मामले में भी अमन श्रीवास्तव के खिलाफ कोई सीधा और ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया है.
इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए हाई कोर्ट ने दोनों मामलों में अमन श्रीवास्तव को जमानत देने का आदेश दिया.