Jamshedpur News: एमजीएम अस्पताल की मौजूदा स्थिति को लेकर जमशेदपुर पूर्वी विधायक पूर्णिमा साहू ने गहरी नाराजगी जताई है. उन्होंने कहा कि अस्पताल की हालत देखकर दुख होता है और पिछले छह वर्षों से झारखंड सरकार के लापरवाह और सौतेले रवैये का खामियाजा एमजीएम अस्पताल और कोल्हान की जनता भुगत रही है.
अस्पताल में नागरिक सुविधाओं की स्थिति बेहद खराब
विधायक ने बताया कि रविवार को सिदगोड़ा क्षेत्र में ऑटो दुर्घटना में घायल महिलाओं और एक पुरुष को लेकर जब वह एमजीएम अस्पताल पहुंचीं तो वहां की अव्यवस्थाएं साफ नजर आईं. अस्पताल में नागरिक सुविधाओं की स्थिति बेहद खराब है. मरीजों के लिए नाम मात्र की एक व्हीलचेयर उपलब्ध थी जबकि दूसरी व्हीलचेयर टूटी हुई हालत में पड़ी थी.
पूर्णिमा साहू ने कहा कि यह आरोप प्रत्यारोप का समय नहीं है लेकिन कुछ तथ्यों को सामने रखना जरूरी है. उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार के कार्यकाल में एमजीएम अस्पताल की व्यवस्था सुधारने के लिए कई अहम कदम उठाए गए थे. आपातकालीन वार्ड में बिस्तरों की संख्या और गुणवत्ता दोनों में सुधार किया गया था. अस्पताल के लिए 160 नए एडजस्टेबल बेड खरीदे गए थे, जिनमें से 27 जर्जर और पुराने बेड हटाकर नए बेड लगाए गए. ये बेड आपातकालीन वार्ड के साथ साथ बर्न यूनिट, बच्चों और स्त्री रोग विभाग में भी लगाए गए थे.
उन्होंने आगे कहा कि उस समय अस्पताल की आधारभूत संरचना में भी सुधार किया गया था. नई मशीनें लगाई गई थीं और चिकित्सा तथा पैरामेडिकल कर्मचारियों की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में काम हुआ था. इसके अलावा वर्ष 2019 में 500 बेड वाले नए एमजीएम अस्पताल का शिलान्यास भी किया गया था, जिसे वर्ष 2022 में पूरा होना था लेकिन यह कार्य करीब दो साल की देरी से पूरा हुआ.
अस्पताल में नागरिक सुविधाओं की स्थिति बेहद खराब
विधायक का आरोप है कि वर्तमान समय में नए भवन में भी जरूरी आधारभूत सुविधाओं का अभाव है. अस्पताल में डॉक्टर, पैरामेडिकल और अन्य कर्मचारियों की भारी कमी है. साथ ही जरूरी मशीनें और संसाधन भी अब तक उपलब्ध नहीं कराए जा सके हैं. उनका कहना है कि सरकार का कोल्हान की जनता की ओर कोई ठोस ध्यान नहीं है.
एमजीएम की व्यवस्था मजबूत होना जरुरी
पूर्णिमा साहू ने सभी दलों के नेताओं से अपील की कि कोल्हान के लोगों की सुविधा को देखते हुए एमजीएम अस्पताल की व्यवस्था सुधारने के लिए एकजुट होकर काम करना चाहिए. उन्होंने कहा कि यदि एमजीएम की व्यवस्था मजबूत हो जाए तो कोल्हान के लोगों को इलाज के लिए रांची या अन्य शहरों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा.
इस दुर्घटना में ऑटो सवार सीमा संडीला, रीना पटरा और बबीता सैंडिल गंभीर रूप से घायल हुई हैं. सभी घायल बागुनहातु के रहने वाले बताए गए हैं. यह जानकारी भी विधायक पूर्णिमा साहू ने दी.
एमजीएम अस्पताल की बदहाल स्थिति एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है. जनप्रतिनिधि द्वारा उठाए गए मुद्दे यह दिखाते हैं कि बड़े भवन और योजनाओं के बावजूद जमीनी स्तर पर सुविधाओं की कमी बनी हुई है. यदि समय रहते संसाधन, स्टाफ और प्रबंधन पर ध्यान नहीं दिया गया तो कोल्हान जैसे बड़े क्षेत्र की जनता को बेहतर इलाज के लिए बाहर जाना मजबूरी बना रहेगा.