जमशेदपुर : जमशेदपुर में इंडो स्टार कैपिटल फाइनेंस लिमिटेड और उसके कुछ कर्मचारियों पर भारी-भरकम वित्तीय घोटाले का सनसनीखेज आरोप सामने आया है। पीड़ितों का कहना है कि लोन उनके नाम से पास हुआ, कुछ रकम उनके खाते में पहुंचा, जबकि लाखों रुपये कंपनी के कर्मचारियों ने आपस में मिलकर हड़प लिए।
पीड़ित का आरोप- नाम मेरा, लोन किसी और के खाते में
पीड़ित के अनुसार, वाहन फाइनेंस और पुराने बकाये के निपटान के नाम पर नया लोन कराया गया। भरोसा दिलाया गया कि पूरी राशि उनके खाते में आएगी, लेकिन कुछ रकम काटकर, कुछ किसी और के खाते में भेज दी गई। जब हिसाब मांगा गया तो टालमटोल, बदसलूकी और गाली-गलौज तक की नौबत आ गई।
कंपनी कर्मचारियों पर मिलीभगत का गंभीर आरोप
पीड़ितों का दावा है कि यह सब कंपनी के ब्रांच स्तर पर कर्मचारियों की मिलीभगत से हुआ। आरोप है कि बाकी बची भारी रकम कर्मचारियों ने डकार ली। जब कार्यालय जाकर बातचीत की गई तो जवाब मिला— “जो दोषी थे, उन्हें कंपनी से हटा दिया गया है।” लेकिन पीड़ितों को आज तक उनकी रकम नहीं मिली।
आर्थिक तबाही की कगार पर पीड़ित परिवार
रकम नहीं मिलने के कारण पीड़ित समय पर किस्तें नहीं भर पाए, बाजार से लिया गया कर्ज भी नहीं चुका सके। नतीजा यह कि व्यापार चौपट हो गया, घर-परिवार पर संकट गहरा गया और पीड़ित मानसिक व आर्थिक रूप से टूट चुके हैं।
पीड़ितों की गुहार
पीड़ितों ने प्रशासन और पुलिस से निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है
“अगर हमें न्याय नहीं मिला तो हम सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे।”
सवालों के घेरे में फाइनेंस कंपनी की कार्यप्रणाली
यह मामला फाइनेंस कंपनियों की जवाबदेही, आंतरिक निगरानी और ग्राहकों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। अब देखना यह है कि प्रशासन कब और कैसे कार्रवाई करता है।