Back to Top

Facebook WhatsApp Telegram YouTube Instagram
Push Notification

🔔 Enable Notifications

Subscribe now to get the latest updates instantly!

Jharkhand News26 – fastest emerging e-news channel.
  • 2025-12-17

National News: अल्मोड़ा की कविता चंद ने अंटार्कटिका की सबसे ऊंची चोटी माउंट विन्सन फतह कर फहराया तिरंगा

National News: उत्तराखंड के अल्मोड़ा की रहने वाली कविता चंद ने अंटार्कटिका की सबसे ऊंची चोटी माउंट विन्सन पर सफल चढ़ाई कर देश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है. 12 दिसंबर को स्थानीय समय अनुसार रात 8.30 बजे कविता ने 4892 मीटर ऊंची इस चोटी पर पहुंचकर भारतीय तिरंगा फहराया. यह उपलब्धि न केवल व्यक्तिगत सफलता है बल्कि भारतीय पर्वतारोहण के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है.

कविता यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रुस कर चुकी हैं फतह
वर्तमान में मुंबई में रह रहीं 40 वर्षीय कविता चंद की इस सफलता से खासकर उत्तराखंड में खुशी और गर्व का माहौल है. पहाड़ों से निकलकर दुनिया के सबसे दुर्गम और ठंडे इलाकों में शामिल अंटार्कटिका तक पहुंचना उनके मजबूत इरादों और कठिन परिश्रम को दर्शाता है. इससे पहले भी कविता यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रुस फतह कर चुकी हैं.

सबसे कठिन पर्वत चोटियों में गिना जाता है माउंट विन्सन
माउंट विन्सन को दुनिया की सबसे कठिन पर्वत चोटियों में गिना जाता है. यहां शून्य से नीचे तापमान तेज हवाएं और अचानक बदलने वाला मौसम पर्वतारोहियों के लिए बड़ी चुनौती बनता है. इन तमाम कठिन हालात के बावजूद कविता ने इस अभियान को सफलतापूर्वक पूरा किया और शिखर तक पहुंचने में कामयाब रहीं.

अभियान का नेतृत्व पर्वतारोहण गाइड मिंगमा डेविड शेरपा ने किया
यह अभियान 3 दिसंबर को भारत से शुरू हुआ था. 4 दिसंबर को कविता चिली के पुंटा एरेनास पहुंचीं और 7 दिसंबर को यूनियन ग्लेशियर के लिए रवाना हुईं. इसके बाद स्की से लैस विमान से लगभग 40 मिनट की उड़ान भरकर वह करीब 2100 मीटर की ऊंचाई पर बने विन्सन बेस कैंप पहुंचीं. पूरे अभियान का नेतृत्व पर्वतारोहण गाइड मिंगमा डेविड शेरपा ने किया. भारतीय टीम को अनुभवी पर्वतारोही भारत थम्मिनेनी और उनकी कंपनी बूट्स एंड क्रैम्पॉन का सहयोग मिला. नौ सदस्यीय भारतीय टीम ने पूरी तैयारी और सावधानी के साथ शिखर तक पहुंचने में सफलता हासिल की.

कॉरपोरेट करियर छोड़कर पूरी तरह फिटनेस और खेल को अपनाने का किया फैसला
कविता चंद सिर्फ पर्वतारोही ही नहीं बल्कि एक बेहतरीन एंड्योरेंस रनर भी हैं. वह मैराथन की शौकीन हैं और दिल्ली व मुंबई हाइरॉक्स 2025 में अपनी आयु वर्ग में जीत दर्ज कर चुकी हैं. इसके साथ ही वह एबॉट वर्ल्ड मैराथन मेजर्स सिक्स स्टार चैलेंज की दिशा में भी आगे बढ़ रही हैं. वर्ष 2024 में उन्होंने अपना कॉरपोरेट करियर छोड़कर पूरी तरह फिटनेस और खेल को अपनाने का फैसला किया था.

तिरंगा फहराना कविता के लिए गर्व और सम्मान का क्षण
अपनी उपलब्धि पर कविता ने कहा कि माउंट विन्सन की चोटी पर तिरंगा फहराना उनके लिए गर्व और सम्मान का क्षण है. उन्होंने कहा कि वह चाहती हैं कि उनकी कहानी कामकाजी लोगों को यह भरोसा दे कि नौकरी फिटनेस और बड़े सपने एक साथ पूरे किए जा सकते हैं.

दृढ़ संकल्प और निरंतर मेहनत से असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है
कविता चंद की यह सफलता न सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि है बल्कि यह उन लोगों के लिए प्रेरणा भी है जो उम्र या जिम्मेदारियों को सपनों के रास्ते में बाधा मानते हैं. पहाड़ी पृष्ठभूमि से निकलकर वैश्विक मंच तक पहुंचने की यह यात्रा दिखाती है कि दृढ़ संकल्प और निरंतर मेहनत से असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है.
WhatsApp
Connect With WhatsApp Cannel !