Jharkhand News: देश की राजधानी दिल्ली ही नहीं अब झारखंड के शहर भी प्रदूषण की चपेट में आ चुके हैं. हजारीबाग के साथ-साथ औद्योगिक शहर जमशेदपुर की हवा भी लगातार खराब होती जा रही है. यह हालात आम लोगों की सेहत के लिए खतरे की घंटी हैं. ऐसे में जहां लोगों को सतर्क होने की जरूरत है वहीं राज्य सरकार के लिए भी यह वक्त है कि हालात बिगड़ने से पहले ठोस और त्वरित कदम उठाए जाएं.
हजारीबाग का AQI 132 पहुंचा
बुधवार को हजारीबाग का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 132 दर्ज किया गया जो अस्वस्थ श्रेणी में आता है. इस स्तर की हवा का असर सबसे पहले बच्चों बुजुर्गों और सांस से जुड़ी बीमारियों से जूझ रहे लोगों पर पड़ता है. शहर की हवा में बढ़ते प्रदूषण के कारण लोगों की परेशानी बढ़ने लगी है.
जमशेदपुर के कई इलाके गंभीर AQI श्रेणी में
इसी तरह जमशेदपुर में भी वायु गुणवत्ता चिंता का विषय बन चुकी है. अलग-अलग इलाकों में AQI खराब से गंभीर श्रेणी में दर्ज किया गया है. औद्योगिक और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में हालात ज्यादा खराब बताए जा रहे हैं. यह संकेत है कि अगर समय रहते नियंत्रण नहीं किया गया तो स्थिति और बिगड़ सकती है.
प्रदूषण के साथ ठंड और कोहरे की दोहरी मार भी लोगों को झेलनी पड़ रही है. हजारीबाग में अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. सुबह देर तक धुंध और कोहरे का असर बना रहा.
कोहरे का सीधा असर विमान सेवाओं पर
राज्य की राजधानी रांची में भी कोहरे का सीधा असर विमान सेवाओं पर पड़ा है. दृश्यता घटने के कारण पुणे हैदराबाद, बेंगलुरु, दिल्ली और मुंबई से आने वाली कई उड़ानें देरी से पहुंचीं. मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में ठंड और कोहरे का असर और बढ़ सकता है.
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि खराब हवा में अनावश्यक बाहर निकलने से बचना चाहिए. मास्क का उपयोग और बच्चों बुजुर्गों का विशेष ध्यान जरूरी है. वहीं सरकार के स्तर पर प्रदूषण के स्रोतों की पहचान कर सख्त निगरानी और नियंत्रण की जरूरत है.
हालात को और बिगड़ने से रोका जाए
हजारीबाग और जमशेदपुर जैसे शहरों में AQI का लगातार खराब होना इस बात का संकेत है कि प्रदूषण अब सिर्फ महानगरों की समस्या नहीं रहा. अगर अभी से ठोस नीतिगत फैसले और जमीनी स्तर पर कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले समय में इसका सीधा असर जनस्वास्थ्य पर पड़ेगा. सरकार और आम लोगों दोनों की साझा जिम्मेदारी है कि हालात को और बिगड़ने से रोका जाए.