Jharkhand News: झारखंड शराब घोटाले की जांच में बुधवार को एक अहम कड़ी जुड़ गई. उत्पाद विभाग के तत्कालीन आयुक्त और वर्तमान में रामगढ़ के उपायुक्त पद पर पदस्थापित IAS फैज अक अहमद का बयान दर्ज किया गया. यह बयान BNSS एक्ट की धारा 164 के तहत रिकॉर्ड किया गया है, जिसे जांच के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
ACB कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद मजिस्ट्रेट की नियुक्ति की गई. मजिस्ट्रेट के समक्ष फैज अक अहमद ने अपना बयान दर्ज कराया. प्रक्रिया पूरी होने के बाद बयान को सीलबंद कर दिया गया है ताकि जांच की गोपनीयता बनी रहे.
शराब घोटाले से जुड़े कई अहम बिंदुओं पर अपनी IAS ने रखी बात
सूत्रों के मुताबिक, बयान के दौरान फैज अक अहमद ने शराब घोटाले से जुड़े कई अहम बिंदुओं पर अपनी बात रखी है. बताया जा रहा है कि उन्होंने तत्कालीन उत्पाद सचिव और IAS अधिकारी विनय चौबे की भूमिका से जुड़े कई तथ्यों को अदालत के सामने रखा है. इन खुलासों को मामले की दिशा बदलने वाला माना जा रहा है.
जांच एजेंसियों की नजर अब इस सीलबंद बयान पर टिकी है, क्योंकि इसी के आधार पर आगे की कार्रवाई और अन्य अधिकारियों की भूमिका की परतें खुल सकती हैं.
जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच रही
शराब घोटाले में IAS अधिकारी का 164 के तहत बयान दर्ज होना इस बात का संकेत है कि जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच रही है. सीलबंद बयान भविष्य में चार्जशीट और कानूनी कार्रवाई की दिशा तय कर सकता है. यदि बयान में किए गए खुलासे पुष्ट होते हैं, तो यह घोटाले में बड़े प्रशासनिक चेहरों की मुश्किलें बढ़ा सकता है और झारखंड की नौकरशाही पर भी गहरा असर डाल सकता है.