10 से 20 प्रतिशत तक कीमतें बढ़ीं
पिछले कुछ सालों में टेलीकॉम कंपनियों ने तीन बार कीमतें बढ़ाई हैं। इसका मुख्य कारण है कि कंपनियां अपना कारोबार मजबूत रखना चाहती हैं और 5G नेटवर्क में बड़ा निवेश कर रही हैं। 2019 में कीमतें 15 से 50 प्रतिशत तक बढ़ी थीं। फिर 2021 में 20 से 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। पिछले साल यानी 2024 में 10 से 20 प्रतिशत तक कीमतें बढ़ीं।
सीधा असर ग्राहकों की जेब पर पड़ने वाला है
ईटी टेलीकॉम की रिपोर्ट (Ref.) के मुताबिक, पहले एक्सपर्ट्स को लगता था कि 2026 में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी, लेकिन अब मॉर्गन स्टैनली का अनुमान इससे भी ज्यादा है। कंपनियां सस्ते प्लान हटा रही हैं या ओटीटी जैसे फायदे महंगे प्लान में डाल रही हैं, ताकि ग्राहक महंगे प्लान चुनें। लिहाजा, इसका सीधा असर ग्राहकों की जेब पर पड़ने वाला है।
मुनाफा दूसरे कंपनियों से ज्यादा
मॉर्गन स्टैनली की रिपोर्ट में कहा गया है कि पहले की कीमत बढ़ोतरी में एयरटेल को सबसे ज्यादा फायदा हुआ है। उसकी कमाई और मुनाफा दूसरे कंपनियों से ज्यादा बढ़ा। अब भी ऐसा ही होने की उम्मीद है। देश में 5G कवरेज अब 90 प्रतिशत तक पहुंच गया है। अब कंपनियां भविष्य के लिए तैयार हो रही हैं, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई का बड़ा रोल होगा। रिपोर्ट के अनुसार, 2032 तक ARPU 370 से 390 रुपये तक पहुंच सकता है।