कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा जिला कार्यालय की ओर मार्च कर रहे थे, जिसे देखते हुए जिला प्रशासन ने भाजपा कार्यालय से करीब 200 मीटर पहले ही बैरिकेडिंग कर दी. इसके कारण कांग्रेसियों को आगे बढ़ने से रोक दिया गया. इसके बावजूद कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता लगभग एक घंटे तक सड़क पर डटे रहे और केंद्र सरकार व ईडी के खिलाफ नारेबाजी करते रहे.
विपक्षी नेताओं को डराने का प्रयास
वहीं दूसरी ओर बैरिकेडिंग के उस पार बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता हाथों में पार्टी का झंडा और कुछ कार्यकर्ता लाठी-डंडा लेकर कांग्रेसियों के विरोध में सड़क पर उतर आए. दोनों पक्षों के आमने-सामने आने से कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति बन गई, हालांकि पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी के कारण स्थिति नियंत्रित रही. इस दौरान कांग्रेस जिला अध्यक्ष परविंदर सिंह ने आरोप लगाया कि ईडी का इस्तेमाल केंद्र सरकार राजनीतिक बदले की भावना से कर रही है और विपक्षी नेताओं को डराने का प्रयास किया जा रहा है.
प्रशासन के हस्तक्षेप से दोनों पक्षों को शांत
उन्होंने कहा कि कांग्रेस न्याय और लोकतंत्र की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर है. वहीं भाजपा जिला अध्यक्ष सुधांशु ओझा ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि नेशनल हेराल्ड मामला भ्रष्टाचार से जुड़ा है और कांग्रेस इसे राजनीतिक रंग देकर जनता को गुमराह कर रही है. उन्होंने कहा कि कानून अपना काम कर रहा है और भाजपा कानून के शासन में विश्वास रखती है. करीब एक घंटे बाद प्रशासन के हस्तक्षेप से दोनों पक्षों को शांत कराया गया, जिसके बाद स्थिति सामान्य हुई.