Jharkhand News: झारखंड के शराब घोटाला मामले में जांच की परतें अब खुलने लगी हैं. भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़े इस मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने कार्रवाई तेज करते हुए गुरुवार को एक अहम आरोपी से जेल के भीतर पूछताछ की. इस पूछताछ के बाद केस से जुड़े कई अहम बिंदु सामने आने की बात कही जा रही है.
एसीबी ने छत्तीसगढ़ के शराब कारोबारी अनवर ढेबर से पूछताछ की. कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद एसीबी की टीम रायपुर जेल पहुंची, जहां अनवर ढेबर से लंबी पूछताछ की गई. सूत्रों के मुताबिक इस दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं, जिन्हें जांच का हिस्सा बनाया जा रहा है.
छत्तीसगढ़ में हुए शराब घोटाले के मामले में आरोपी हैं अनवर ढेबर
अनवर ढेबर पहले से ही छत्तीसगढ़ में हुए शराब घोटाले के मामले में आरोपी हैं. भूपेश सरकार के कार्यकाल में सामने आए इस घोटाले में अवैध शराब सिंडिकेट के जरिए बड़े पैमाने पर राजस्व नुकसान का आरोप है. इस नेटवर्क में तत्कालीन अफसरों और कारोबारियों की मिलीभगत की बात सामने आई थी.
जांच एजेंसियों के अनुसार वर्ष 2019 से 2022 के बीच सरकारी शराब दुकानों के जरिए अवैध शराब की बिक्री की गई. डुप्लीकेट होलोग्राम लगाकर शराब बेची गई, जिससे सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ. इसी नेटवर्क की कड़ियां झारखंड शराब घोटाले से भी जुड़ती नजर आ रही हैं.
फर्जी बैंक गारंटी के आधार पर टेंडर देने के आरोप
झारखंड में मैन पावर सप्लाई करने वाली कंपनियों और शराब के होलसेल स्टॉक से जुड़ी कंपनियों को नियमों के खिलाफ भुगतान करने और फर्जी बैंक गारंटी के आधार पर टेंडर देने के आरोप हैं. एसीबी इन बिंदुओं को जोड़कर पूरे सिंडिकेट की भूमिका की जांच कर रही है.
केस कई बड़े नामों के लिए मुश्किलें बढ़ा सकता है
एसीबी की यह पूछताछ संकेत देती है कि झारखंड शराब घोटाला केवल राज्य तक सीमित मामला नहीं है, बल्कि इसका दायरा अंतरराज्यीय स्तर तक फैला हुआ है. छत्तीसगढ़ और झारखंड के मामलों के बीच समान पैटर्न सामने आना एक संगठित सिंडिकेट की ओर इशारा करता है. आने वाले दिनों में यदि इन खुलासों को ठोस साक्ष्यों से जोड़ा गया, तो यह केस कई बड़े नामों के लिए मुश्किलें बढ़ा सकता है. जांच एजेंसियों के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती पूरे नेटवर्क को सामने लाने और जिम्मेदारी तय करने की होगी.