Kerala: केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में भारतीय जनता पार्टी ने एक नया राजनीतिक इतिहास रच दिया है। नगर निगम के मेयर पद के चुनाव में भाजपा नेता वी. वी. राजेश ने पहले ही दौर की मतगणना में स्पष्ट बहुमत हासिल कर जीत दर्ज कर ली। उन्हें कुल 51 मत प्राप्त हुए, जिसके साथ वह केरल में भाजपा के पहले महापौर बन गए हैं। जल्द ही उनका शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा।
पहले ही चरण में तय हुई जीत
कोडुंगनूर वार्ड से पार्षद और केरल भाजपा सचिव वी. वी. राजेश को भाजपा के 50 पार्षदों के अलावा एक निर्दलीय पार्षद का भी समर्थन मिला। उनके मुकाबले में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) के प्रत्याशी आर. पी. शिवाजी को 29 वोट मिले, जबकि कांग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) के उम्मीदवार के. एस. सबरीनाथन को 17 मतों से संतोष करना पड़ा।
विकास और समानता का वादा
मेयर चुने जाने के बाद वी. वी. राजेश ने कहा कि नगर निगम के सभी 101 वार्डों में बिना भेदभाव के विकास कार्य किए जाएंगे। उन्होंने तिरुवनंतपुरम को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर देश के अग्रणी शहरों की श्रेणी में लाने का संकल्प भी दोहराया।
नगर निगम चुनाव में बदला सत्ता संतुलन
हाल में हुए स्थानीय निकाय चुनावों में तिरुवनंतपुरम में त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिला। भाजपा ने 50 वार्डों में जीत हासिल कर वर्षों से चली आ रही वामपंथी dominance को चुनौती दी।
LDF को 29 वार्ड मिले
UDF को 19 वार्डों से संतोष करना पड़ा
रिकॉर्ड मतदान
9 दिसंबर को हुए पहले चरण के मतदान में तिरुवनंतपुरम में 70.91 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जो नागरिकों की सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया
इस जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे केरल की राजनीति में एक निर्णायक मोड़ बताया। सोशल मीडिया पर उन्होंने कहा कि यह सफलता वर्षों से संघर्ष कर रहे भाजपा कार्यकर्ताओं की मेहनत का परिणाम है और पार्टी शहर के समग्र विकास व नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध रहेगी।
तिरुवनंतपुरम नगर निगम में भाजपा की यह जीत केरल की राजनीतिक दिशा में एक बड़े परिवर्तन के संकेत के रूप में देखी जा रही है।