ESIC UPDATE: कर्मचारी राज्य बीमा निगम ने स्प्री योजना की अवधि बढ़ाने का फैसला लिया है. अब यह विशेष अभियान 1 जनवरी 2026 से 31 जनवरी 2026 तक प्रभावी रहेगा. इस निर्णय से झारखंड के उन नियोक्ताओं और कर्मचारियों को राहत मिलेगी, जो अब तक किसी कारण से ईएसआईसी में पंजीकरण नहीं करा पाए थे.
बड़ी संख्या में प्रतिष्ठान और कर्मचारी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से बाहर
जानकारी के अनुसार, इस महीने की शुरुआत में ईएसआईसी मुख्यालय में आयोजित एक अहम बैठक में इस विषय पर विचार किया गया था. बैठक में संयुक्त निदेशक सत्यजीत कुमार समेत विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे. इसी बैठक में योजना की समय सीमा बढ़ाने पर सहमति बनी. बैठक के दौरान फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की ओर से स्प्री योजना की अवधि बढ़ाने की मांग रखी गई थी. चैंबर का तर्क था कि राज्य में अब भी बड़ी संख्या में प्रतिष्ठान और कर्मचारी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से बाहर हैं, जिन्हें जोड़ने के लिए अतिरिक्त समय दिया जाना जरूरी है.
ईएसआईसी के इस फैसले के बाद झारखंड में अधिक संख्या में नियोक्ता और कर्मचारी योजना के अंतर्गत पंजीकरण करा सकेंगे. इससे उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं के साथ साथ सामाजिक सुरक्षा से जुड़े अन्य लाभ भी मिल सकेंगे. चैंबर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने स्प्री योजना की अवधि बढ़ाए जाने को व्यापारियों और श्रमिकों दोनों के हित में बताया. उन्होंने कहा कि इससे अधिक प्रतिष्ठान ईएसआईसी के दायरे में आएंगे और कर्मचारियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलेगा. साथ ही उन्होंने सभी व्यापारियों और उद्यमियों से बढ़ी हुई अवधि का लाभ उठाने की अपील की.
निर्णय के लिए ईएसआईसी और श्रम मंत्रालय का आभार
वहीं श्रम एवं ईएसआईसी उप समिति के चेयरमैन प्रमोद सारस्वत ने इस निर्णय के लिए ईएसआईसी और श्रम मंत्रालय का आभार जताया. उन्होंने कहा कि यह योजना नियोक्ताओं के लिए राहत देने वाली है और सभी पात्र नियोक्ताओं को इस विशेष अभियान के तहत अपने तथा अपने कर्मचारियों का पंजीकरण कराना चाहिए.
असंगठित और छूटे हुए प्रतिष्ठानों को योजना से जोड़ने का अवसर
स्प्री योजना की अवधि बढ़ाने का फैसला झारखंड में सामाजिक सुरक्षा के दायरे को बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है. इससे असंगठित और छूटे हुए प्रतिष्ठानों को योजना से जोड़ने का अवसर मिलेगा. यदि नियोक्ता इस समय का सही उपयोग करते हैं तो बड़ी संख्या में कर्मचारी ईएसआईसी के लाभों से जुड़ सकेंगे, जिससे राज्य में सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी.