Seraikela News: नीमडीह प्रखंड अंतर्गत कुशपुतुल गांव में गुरुवार रात करीब 10 से 10:30 बजे के बीच जंगली हाथी के अचानक प्रवेश से गांव में अफरा-तफरी मच गई. हाथी ने रघुनाथ सिंह समेत कई किसानों की आलू की फसल को पूरी तरह रौंद दिया, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है.
घटना से वन विभाग की लापरवाही और रोकथाम व्यवस्था हुई उजागर
घटना से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया. ग्रामीणों का आरोप है कि यह घटना वन विभाग की लापरवाही और समय पर रोकथाम व्यवस्था के अभाव को उजागर करती है. हाथी को भगाने के लिए ग्रामीणों को खुद ट्रैक्टर और टॉर्च का सहारा लेना पड़ा. किसी प्रकार हाथी को जंगल की ओर खदेड़ा गया, लेकिन इस दौरान कभी भी बड़ा जान-माल का नुकसान हो सकता था.
ग्रामीणों ने प्रशासन से क्षेत्र को हाथी-संवेदनशील घोषित करने की मांग की
प्रभावित ग्रामीणों ने प्रशासन से क्षेत्र को हाथी-संवेदनशील घोषित करने, नियमित गश्ती, स्थायी निगरानी व्यवस्था और त्वरित क्षतिपूर्ति प्रक्रिया लागू करने की मांग की है. स्थानीय निवासी समीर कुमार महतो ने लोगों से अपील की है कि सभी सतर्क रहें और रात में बाहर निकलते समय टॉर्च का उपयोग करें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके.