Ranchi: नववर्ष के अवसर पर प्रशासन और संवेदना का एक दुर्लभ व भावुक संगम उस समय देखने को मिला, जब IAS अधिकारी रमेश घोलप ने सूबे के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से शिष्टाचार मुलाकात कर उन्हें नववर्ष की शुभकामनाएं दीं।
झारखंड की आत्मा को दर्शाती वह आकृति भी
इस मुलाकात को विशेष बना दिया उस अनमोल उपहार ने, जिसे IAS रमेश घोलप अपने हाथों से गढ़कर लाए थे पीपल के पत्तों पर उकेरी गई अद्भुत कलाकृतियां। जैसे ही मुख्यमंत्री ने इन पत्तों पर बनी कलाकृतियों को देखा, वे भावुक हो उठे। इन चित्रों में न केवल उनका स्वयं का सजीव रूप था, बल्कि एक पत्ते पर झारखंड की आत्मा को दर्शाती वह आकृति भी थी।
प्रणेता उनके पिता पूर्व मुख्यमंत्री स्व शिबू सोरेन
जिसमें खास बात यह रही कि एक पीपल के पत्ते पर झारखंड आंदोलन के प्रणेता उनके पिता पूर्व मुख्यमंत्री स्व शिबू सोरेन (दिशोम गुरु), एक में उनकी पत्नी गांडेय विधायक कल्पना सोरेन और महान आदिवासी नायक भगवान बिरसा मुंडा को एक साथ दर्शाती कलात्मक आकृति बनाई गई थी।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इसे देख भाव विभोर हो उठे, उन्होंने उसकी तारीफ करते हुए कहा कि यह कला केवल उपहार नहीं, बल्कि झारखंड के इतिहास, संघर्ष और उनकी भावनाओं से जुड़ा हुआ है, जो मेरे दिल के काफी करीब है।
कला समाज की आत्मा को छू लेती है
यह क्षण दर्शाता है कि जब एक प्रशासक के भीतर कलाकार जीवित रहता है, तब शासन मानवीय बनता है और कला समाज की आत्मा को छू लेती है।