Aaj Ka Panchang: वैदिक पंचांग के अनुसार आज ज्येष्ठ (अधिक) मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। इस पावन दिन मासिक शिवरात्रि का शुभ संयोग बन रहा है। शनिवार होने के कारण यह दिन भगवान शिव और शनि देव दोनों की पूजा-अर्चना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। धार्मिक मान्यता है कि आज विधि-विधान से पूजा करने पर विशेष पुण्य फल और कष्टों से मुक्ति की प्राप्ति होती है।
सूर्य वृषभ में, चंद्रमा का राशि परिवर्तन, ग्रहों की स्थिति बनी खास
आज सूर्य देव वृषभ राशि में विराजमान हैं, जबकि चंद्रमा सुबह तक मेष राशि में रहकर बाद में वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे। कृष्ण त्रयोदशी तिथि दोपहर 4 बजकर 7 मिनट तक रहेगी, इसके बाद चतुर्दशी तिथि प्रारंभ होगी। सुकर्मा योग सायं 5 बजकर 28 मिनट तक रहेगा, जिसके बाद धृति योग शुरू होगा। कृत्तिका नक्षत्र मध्यरात्रि 1 बजकर 16 मिनट तक प्रभावी रहेगा, फिर रोहिणी नक्षत्र का आरंभ होगा।
अभिजीत और अमृत काल में करें शुभ कार्य, मिलेगा सफलता का साथ
आज का अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 53 मिनट से 12 बजकर 49 मिनट तक रहेगा, जिसे शुभ कार्यों के लिए उत्तम माना गया है। वहीं अमृत काल रात्रि 11 बजकर 9 मिनट से 12 बजकर 34 मिनट (14 जून) तक रहेगा। सूर्योदय सुबह 5 बजकर 23 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 7 बजकर 20 मिनट पर होगा। पूजा-पाठ, मंत्र जाप और नए कार्यों की शुरुआत के लिए यह समय विशेष लाभकारी माना जा रहा है।
राहुकाल और भद्रा का रखें ध्यान, कृत्तिका नक्षत्र का रहेगा प्रभाव
आज राहुकाल सुबह 8 बजकर 52 मिनट से 10 बजकर 37 मिनट तक रहेगा, जबकि यमगण्ड दोपहर 2 बजकर 6 मिनट से 3 बजकर 50 मिनट तक प्रभावी रहेगा। दोपहर 4 बजकर 7 मिनट के बाद विष्टि (भद्रा) करण प्रारंभ होकर अगले दिन तड़के 2 बजकर 15 मिनट तक रहेगा। कृत्तिका नक्षत्र के प्रभाव से साहस, ऊर्जा, स्वाभिमान और नेतृत्व क्षमता में वृद्धि मानी जाती है, हालांकि क्रोध और कठोरता से बचने की सलाह दी जाती है।