Hazaribagh: हजारीबाग में नगर निगम प्रशासन की हालिया कार्रवाई के बाद फुटपाथ पर सब्जी बेचने वाले कई छोटे दुकानदारों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। प्रशासन ने इन विक्रेताओं को मुख्य बाजार क्षेत्र से हटाकर पुराने सामान वाले परिसर में बैठा दिया है। दुकानदारों का कहना है कि यह निर्णय अचानक लिया गया, जिससे उन्हें तैयारी का समय भी नहीं मिल सका।
जमीन को लेकर विवाद
विक्रेताओं का आरोप है कि जिस स्थान पर उन्हें बैठाया गया है, वह नगर निगम की जमीन नहीं बल्कि खास महल की भूमि है। इस दावे को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। दूसरी ओर, नगर निगम का कहना है कि शहर में यातायात और व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।
हालांकि, जमीन की स्वामित्व स्थिति स्पष्ट न होने से मामला और जटिल हो गया है।
ग्राहक कम, सब्जियां खराब होने की आशंका
बीते 24 घंटों से नए स्थान पर बैठे दुकानदारों का कहना है कि वहां ग्राहक बहुत कम पहुंच रहे हैं। मुख्य सड़क से दूर होने के कारण खरीदारों की आवाजाही सीमित है, जिससे बिक्री प्रभावित हो रही है। कुछ विक्रेताओं ने बताया कि कम बिक्री के कारण सब्जियां खराब होने लगी हैं, जिससे नुकसान बढ़ता जा रहा है।
उनका यह भी कहना है कि इस समय परीक्षा का दौर चल रहा है और गर्मी की शुरुआत हो रही है। ऐसे में अचानक स्थान परिवर्तन से नियमित ग्राहक भी असुविधा महसूस कर रहे हैं।
पार्किंग शुल्क से बढ़ी परेशानी
स्थिति इसलिए भी उलझ गई है क्योंकि जिस परिसर में दुकानदारों को बैठाया गया है, वह पहले से पार्किंग स्थल के रूप में आवंटित है और उसका टेंडर भी हो चुका है। यहां आने वाले ग्राहकों को दोपहिया वाहन के लिए 10 रुपये और चारपहिया वाहन के लिए 30 रुपये पार्किंग शुल्क देना पड़ रहा है।
दुकानदारों का कहना है कि अतिरिक्त शुल्क के कारण कई ग्राहक सब्जी खरीदने से बच रहे हैं या अन्य जगहों का रुख कर रहे हैं, जिससे उनकी आय पर सीधा असर पड़ रहा है।
चुनावी माहौल में अनदेखी का आरोप
नगर निगम चुनाव में अब केवल दो दिन शेष हैं। इस बीच, प्रभावित विक्रेताओं का कहना है कि चुनावी प्रचार में व्यस्त प्रत्याशी अब तक उनकी समस्याएं सुनने नहीं पहुंचे। उनका आरोप है कि घोषणापत्रों में योजनाओं का उल्लेख तो है, लेकिन जमीनी स्तर पर छोटे व्यापारियों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा।
धरने की चेतावनी
स्थिति से नाराज कुछ फुटपाथ विक्रेताओं ने नगर निगम कार्यालय के सामने शांतिपूर्ण धरना देने की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो वे सामूहिक रूप से अपनी मांगों को लेकर आगे की रणनीति तय करेंगे।
फिलहाल, प्रशासन और दुकानदारों के बीच संवाद की आवश्यकता महसूस की जा रही है ताकि शहर की व्यवस्था और छोटे व्यापारियों की आजीविका दोनों के बीच संतुलन स्थापित किया जा सके।