Jharkhand Legislative Assembly: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र का दूसरा दिन काफी गहमागहमी भरा रहा. सदन की कार्यवाही शुरू होते ही जनहित से जुड़े कई संवेदनशील मुद्दों पर सरकार को घेरा गया. बाजार समितियों में मैनपावर की कमी से लेकर सुदूर इलाकों में राशन वितरण की समस्याओं पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली.
राशन और नेटवर्क की समस्या पर सरकार का जवाब
लिट्टीपाड़ा विधायक हेमलाल मुर्मू ने पीडीएस दुकानों में अनाज वितरण में हो रही धांधली का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि खराब नेटवर्क के बहाने गरीबों को राशन से वंचित रखा जा रहा है और वे डीलरों के रहमोकरम पर निर्भर हैं. इस पर खाद्य आपूर्ति मंत्री इरफान अंसारी ने सफाई देते हुए कहा कि पुरानी 2जी मशीनों को 4जी में अपग्रेड कर दिया गया है ताकि नेटवर्क की बाधा दूर हो सके. उन्होंने आश्वासन दिया कि अनाज की कालाबाजारी या वितरण में कोताही बरतने वाले डीलरों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
जेपीएससी अभ्यर्थियों को मिल सकती है बड़ी राहत
सदन में जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2026 में अधिकतम उम्र सीमा की गणना का मामला भी प्रमुखता से उठा. विधायकों ने ध्यानाकर्षण कराया कि उम्र सीमा 2017 के बजाय 2026 रखे जाने से हजारों छात्र परीक्षा से बाहर हो रहे हैं. संसदीय कार्यमंत्री राधाकृष्ण किशोर ने बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस विषय पर गंभीर हैं और कैबिनेट में भी चर्चा हुई है. सरकार उन छात्रों को भी राहत देने पर विचार कर रही है जो हाईकोर्ट नहीं जा सके थे, ताकि कोर्ट के आदेश का लाभ सभी को समान रूप से मिल सके.
बाजार समितियां और बजट का लेखा-जोखा
विधायक सरयू राय ने बाजार समितियों में कर्मचारियों की कमी का मुद्दा उठाते हुए सरकार की मंशा पर सवाल किए. जवाब में प्रभारी मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि फिलहाल मौजूद कर्मचारी पर्याप्त हैं और सरकार इन समितियों को आधुनिक तरीके से विकसित करने की योजना बना रही है.
विधानसभा अध्यक्ष रबींद्रनाथ महतो ने सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील करते हुए बताया कि 24 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट पेश किया जाएगा. साथ ही, निकाय चुनाव के मद्देनजर 23 फरवरी की कार्यवाही को अब 21 फरवरी को ही संपन्न करने का निर्णय लिया गया है. यह सत्र 19 मार्च तक चलेगा.
विधानसभा का यह बजट सत्र केवल आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि आगामी चुनावों से पहले जनता की नाराजगी दूर करने का एक मंच भी नजर आ रहा है. जेपीएससी उम्र सीमा और राशन जैसे सीधे जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार का नरम रुख और समाधान का आश्वासन दिखाता है कि सत्ता पक्ष इस वक्त किसी भी तरह के बड़े जनाक्रोश से बचना चाहता है. बजट में होने वाली घोषणाएं यह तय करेंगी कि राज्य की विकास यात्रा अगले एक साल में किस दिशा में मुड़ेगी.