International News: पाकिस्तान के उत्तर पश्चिमी प्रांत खैबर पख्तूनख्वा में एक मदरसे को निशाना बनाकर किए गए ड्रोन हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. टैंक जिले में हुए इस हमले के बाद इलाके में डर और गुस्से का माहौल है. उस वक्त मदरसे में बच्चे पढ़ाई कर रहे थे, जिससे घटना की गंभीरता और बढ़ गई.
मदरसे पर अचानक हुआ हमला
स्थानीय प्रशासन के अनुसार यह ड्रोन हमला गुरुवार को टैंक जिले के शादिखेल गांव में स्थित एक धार्मिक मदरसे पर हुआ. हमला उस समय किया गया जब कक्षाओं में बच्चे मौजूद थे. धमाके के साथ ही मदरसे में अफरा तफरी मच गई और आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए. ड्रोन हमले में कुल नौ बच्चे घायल हुए हैं. इनमें तीन लड़कियां और छह लड़के शामिल हैं. सभी घायलों को तत्काल रेस्क्यू 1122 की मदद से टैंक जिला मुख्यालय अस्पताल पहुंचाया गया. अस्पताल प्रशासन ने घायलों के इलाज की पुष्टि की है.
अस्पताल में इलाज जारी
डॉक्टरों के मुताबिक सभी घायल बच्चे खतरे से बाहर हैं. प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें निगरानी में रखा गया है. फिलहाल किसी की हालत गंभीर नहीं बताई जा रही है, लेकिन सुरक्षा को देखते हुए विशेष सतर्कता बरती जा रही है. अब तक इस ड्रोन हमले की जिम्मेदारी किसी भी आतंकी या अन्य संगठन ने नहीं ली है. पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है. प्रशासन का कहना है कि हर पहलू से जांच की जा रही है ताकि हमले के पीछे की सच्चाई सामने आ सके.
स्थानीय लोगों का विरोध प्रदर्शन
हमले के बाद इलाके में भारी आक्रोश देखने को मिला. मदरसे को निशाना बनाए जाने के विरोध में मौलवियों के नेतृत्व में लोगों ने टैंक जिले के मुख्य चौक पर धरना प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने इस हमले को अमानवीय और बर्बर बताते हुए कड़ी निंदा की. धरना प्रदर्शन के कारण कई घंटों तक प्रमुख सड़कों पर यातायात बाधित रहा. बाजार बंद रहे और आम जनजीवन प्रभावित हुआ. स्थिति संभालने के लिए जिला पुलिस अधिकारी शब्बीर हुसैन मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की.
प्रशासन से वार्ता के बाद धरना स्थगित
बाद में अतिरिक्त उपायुक्त नैमतुल्लाह और सहायक आयुक्त साजिद खान भी वार्ता में शामिल हुए. प्रशासन के आश्वासन के बाद धरना अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया. प्रदर्शनकारियों ने दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की मांग की है.
सुरक्षा तंत्र की विफलता
मदरसे पर हुआ यह ड्रोन हमला पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा क्षेत्र में लगातार बनी असुरक्षा की तस्वीर को उजागर करता है. बच्चों जैसे संवेदनशील ठिकाने को निशाना बनाना सुरक्षा तंत्र की विफलता को दर्शाता है. जब तक ऐसे हमलों के दोषियों को सामने लाकर ठोस कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक इस क्षेत्र में डर और असंतोष का माहौल बना रहेगा.