Jamshedpur News : पूर्वी सिंहभूम जिले के डुमरिया प्रखंड में करैत सांप के डंसने से दो महिलाओं की मौत हो गई। अलग-अलग गांवों में हुई इन घटनाओं ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। दोनों महिलाओं को गंभीर अवस्था में डुमरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। घटना के बाद दोनों गांवों में शोक की लहर दौड़ गई है।
बहादुरपुर गांव में 18 वर्षीय युवती की मौत
पहली घटना डुमरिया प्रखंड के बहादुरपुर गांव की है। जानकारी के अनुसार 18 वर्षीय सौरवी सरदार रात में अपने घर में जमीन पर सो रही थी। इसी दौरान एक जहरीले करैत सांप ने उसके गले और बाएं हाथ की उंगली में डंस लिया। शरीर के दो हिस्सों में डंसने के कारण जहर तेजी से फैल गया और उसकी तबीयत बिगड़ने लगी।
परिजन तत्काल उसे डुमरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसे एमजीएम अस्पताल रेफर कर दिया। हालांकि अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने पोस्टमार्टम नहीं कराने का निर्णय लिया और शव को सीधे गांव ले गए, जहां गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार की तैयारी की गई।
बेसारपहाड़ी में 28 वर्षीय महिला ने भी गंवाई जान
दूसरी घटना बेसारपहाड़ी गांव में हुई। यहां 28 वर्षीय मिनी महाकुड अपने घर में जमीन पर सो रही थी, तभी करैत सांप ने उसके बाएं हाथ में डंस लिया। परिजनों ने तत्काल उसे डुमरिया सीएचसी पहुंचाया, जहां से उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए एमजीएम अस्पताल रेफर कर दिया गया।
इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि सांप के काटने के बाद उसकी हालत तेजी से बिगड़ती चली गई। शनिवार को शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
सांप को पकड़कर बोतल में अस्पताल ले पहुंचे परिजन
इस घटना में एक अनोखा पहलू भी सामने आया। मिनी महाकुड के परिजनों ने सांप को पकड़कर एक बोतल में बंद कर लिया और महिला के साथ उसे भी अस्पताल लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने सांप की पहचान करैत के रूप में की। डॉक्टरों के अनुसार करैत का जहर अत्यंत घातक होता है और समय पर इलाज नहीं मिलने पर यह कुछ ही घंटों में जानलेवा साबित हो सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार गर्मी और बरसात के मौसम में सांपों के बिलों में पानी भरने और तापमान बढ़ने के कारण वे रिहायशी इलाकों की ओर निकल आते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन पर सोने की वजह से लोग इनके संपर्क में अधिक आते हैं और हादसों की आशंका बढ़ जाती है।
पूर्वी सिंहभूम सहित पूरे कोल्हान क्षेत्र में करैत सांप बड़ी संख्या में पाए जाते हैं। हर वर्ष इनके डंसने से कई लोगों की मौत होती है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सतर्क रहने, जमीन पर सोने से बचने और सांप काटने की स्थिति में झाड़-फूंक के बजाय तुरंत अस्पताल पहुंचने की अपील की है।
एक ही दिन में दो महिलाओं की मौत ने बहादुरपुर और बेसारपहाड़ी गांव में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाने और स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त मात्रा में एंटी-स्नेक वेनम उपलब्ध कराने की मांग की है।