Jharkhand News: झारखंड सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को और प्रभावी बनाने का फैसला किया है. राज्यभर में मनरेगा का विश्वास, रोजगार से विकास अभियान चलाया जाएगा. इस संबंध में मनरेगा आयुक्त ने सभी उपायुक्त - सह - जिला कार्यक्रम समन्वयक और उप विकास आयुक्तों को जरूरी निर्देश जारी किए हैं.
काम मांगने और समय पर रोजगार पाने का कानूनी अधिकार
सरकार ने स्पष्ट किया है कि मनरेगा के तहत हर ग्रामीण परिवार को काम मांगने और समय पर रोजगार पाने का कानूनी अधिकार है. चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 9.19 करोड़ मानव दिवस का सृजन किया जा चुका है. वर्तमान में जॉब कार्डधारियों को औसतन 43.69 दिनों का रोजगार मिल रहा है, जिसे बढ़ाकर 100 दिन तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है. आने वाले छह महीनों में कम से कम 10 लाख परिवारों को 100 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है.
अभियान के दौरान जिला और प्रखंड स्तर पर नियमित बैठकें आयोजित की जाएंगी. साथ ही जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे. प्रत्येक गुरुवार को ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष रोजगार दिवस मनाया जाएगा. इच्छुक परिवारों को आवेदन के 15 दिनों के भीतर काम देने पर जोर दिया गया है. महिलाओं और वंचित वर्गों की भागीदारी बढ़ाने तथा मजदूरों के पलायन को रोकने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे.
आधार लिंकिंग और ई-केवाईसी शिविर लगाए
ग्राम पंचायतों में आधार लिंकिंग और ई-केवाईसी शिविर लगाए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक जॉब कार्डधारियों का सत्यापन किया जा सके. स्वीकृत योजनाओं की जानकारी सार्वजनिक स्थानों पर दीवार लेखन के माध्यम से प्रदर्शित की जाएगी. योजनाओं की तकनीकी स्वीकृति और तय समय में कार्य पूरा करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा.
सरकार का उद्देश्य है कि कम से कम 50 प्रतिशत परिवारों को औसतन 100 दिनों का रोजगार मिले. पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जियो - टैग फोटो और ऑनलाइन रिपोर्टिंग की व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा. सरकार को उम्मीद है कि इस अभियान से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा.