Jharkhand News: झारखंड सरकार ने अपनी राजस्व प्राप्ति की प्रक्रिया को और अधिक हाईटेक और पारदर्शी बनाने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया है। अब राज्य सरकार के खजाने में एक करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा करने के लिए केवल NEFT (नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर) और RTGS (रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट) का ही विकल्प बचेगा। वित्त विभाग ने इस संबंध में राज्य के सभी अपर मुख्य सचिवों, प्रधान सचिवों और विभागाध्यक्षों को पत्र जारी कर तत्काल प्रभाव से आदेश लागू करने को कहा है।
रियल टाइम में अपडेट होगा खजाना
वित्त विभाग के अनुसार, आरबीआई के "ई-कुबेर" प्लेटफॉर्म के माध्यम से एनइएफटी और आरटीजीएस द्वारा भेजी गई राशि सीधे सरकार के खाते में रियल टाइम बेसिस पर जमा हो जाती है। अब तक बड़ी राशि के ट्रांसफर में लगने वाले समय के कारण सरकारी हिसाब-किताब में जो देरी होती थी, उसे इस कदम से खत्म किया जा सकेगा। सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से वित्तीय प्रबंधन बेहतर होगा और राजस्व आय की ट्रैकिंग तुरंत संभव हो सकेगी।
विकास कार्यों को मिलेगी रफ्तार
इस डिजिटल बदलाव का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि सरकार के पास फंड की उपलब्धता की सटीक जानकारी हर पल मौजूद रहेगी। जहां एनइएफटी बैचों में काम करता है, वहीं आरटीजीएस के जरिए बड़ी रकम पलक झपकते ही ट्रांसफर हो जाती है। सरकार के खाते में तुरंत पैसा आने से विभिन्न विकास योजनाओं और बुनियादी ढांचे के कार्यों के लिए फंड जारी करने में भी तेजी आएगी।