Jharkhand: झारखंड की राजनीति के वरिष्ठ नेता और गोमिया विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक माधव लाल सिंह अब हमारे बीच नहीं रहे। मंगलवार सुबह रांची के बरियातू स्थित पल्स अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। वे 90 वर्ष के थे और लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके निधन की खबर मिलते ही गोमिया समेत पूरे झारखंड के राजनीतिक गलियारे में शोक की लहर दौड़ गई है।
चार बार विधायक और दो बार रहे मंत्री
माधव लाल सिंह का राजनीतिक सफर बेहद प्रभावशाली रहा। वे गोमिया विधानसभा सीट से चार बार विधायक चुने गए। उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने बिहार और झारखंड, दोनों सरकारों में एक-एक बार मंत्री के रूप में अपनी सेवाएं दीं। उन्हें एक ऐसे जमीनी नेता के तौर पर याद किया जाता है, जिनकी पकड़ अपने क्षेत्र के हर गांव और हर घर तक थी।
ईमानदारी और जनसेवा की मिसाल
राजनीति में माधव लाल सिंह की पहचान एक बेदाग और स्पष्टवादी नेता के रूप में थी। उन्होंने अपने पूरे जीवन में जनता के मुद्दों को सर्वोपरि रखा और कई महत्वपूर्ण आंदोलनों का नेतृत्व किया। गोमिया की जनता उन्हें केवल एक नेता नहीं, बल्कि अपने अभिभावक के रूप में देखती थी। उनके समर्थकों का कहना है कि उन्होंने हमेशा सत्ता से ज्यादा सेवा को महत्व दिया।
अंतिम दर्शन के लिए उमड़ेगी समर्थकों की भीड़
जानकारी के अनुसार, तबीयत अधिक बिगड़ने पर उन्हें बोकारो से रांची रेफर किया गया था, जहां सुबह 9:05 बजे उनका निधन हुआ। उनके पार्थिव शरीर को उनके पैतृक आवास ले जाने की तैयारी की जा रही है, जहां अंतिम दर्शन के लिए हजारों समर्थकों और राजनेताओं के पहुंचने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री सहित राज्य के कई दिग्गज नेताओं ने उनके निधन को झारखंड की राजनीति के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया है।