Jharkhand News: झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस अनिल कुमार चौधरी की अदालत ने खूंटी के पहड़ा राजा सोमा मुंडा हत्याकांड के आरोपी लाल देवव्रत नाथ शाहदेव की जमानत याचिका स्वीकार कर ली है. सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकीलों ने दलील दी कि प्रार्थी का नाम न तो मुख्य प्राथमिकी में था और न ही किसी अन्य आरोपी ने पूछताछ में उनका जिक्र किया था. अदालत ने मामले के तथ्यों और पर्याप्त साक्ष्यों की कमी को देखते हुए देवव्रत शाहदेव को राहत प्रदान की. कोर्ट ने उन्हें 25,000 रुपये के दो निजी मुचलके और आधार कार्ड जमा करने की शर्त पर रिहा करने का आदेश दिया है.
साजिश के तहत गिरफ्तारी का आरोप, भाजपा नेता हत्या मामले में भी मिली थी राहत
देवव्रत शाहदेव की ओर से पक्ष रखते हुए वरीय अधिवक्ता अनिल कश्यप ने अदालत को बताया कि उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत इस मामले में घसीटा गया है. इससे पहले भी भाजपा नेता अनिल टाइगर हत्याकांड में उन्हें हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिल चुकी थी, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर खूंटी पुलिस को सौंप दिया था. बचाव पक्ष ने जोर दिया कि पुलिस ने बिना ठोस सबूतों के उन्हें आरोपी बनाया, जबकि उनका इस हत्याकांड से कोई सीधा संबंध नहीं पाया गया. अब जमानत मिलने से उन्हें बड़ी कानूनी राहत मिली है.
7 जनवरी को हुई थी सोमा मुंडा की हत्या, ट्रायल में सहयोग की शर्त
बता दें कि खूंटी जिले में 7 जनवरी को पहड़ा राजा सोमा मुंडा की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिससे पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया था. इस मामले में पुलिस ने देवव्रत शाहदेव को मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक मानकर कार्रवाई की थी. हाईकोर्ट ने जमानत देते समय यह स्पष्ट किया है कि आरोपी को ट्रायल के दौरान निचली अदालत की कार्यवाही में पूरा सहयोग करना होगा. फिलहाल, इस आदेश के बाद देवव्रत शाहदेव की जेल से बाहर आने की राह साफ हो गई है, जबकि मामले की मुख्य सुनवाई ट्रायल कोर्ट में जारी रहेगी.