Jharkhand: IIT Kanpur के परिसर में शनिवार सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई, जिसने पूरे कैंपस को स्तब्ध कर दिया। झारखंड के जादूगोड़ा की रहने वाली 26 वर्षीय अंजू कुमारी, जो संस्थान में जूनियर टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत थीं, उसने अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार घटना से ठीक पहले उनकी अपने मंगेतर से फोन पर बातचीत के दौरान कहासुनी हुई थी।
फोन पर विवाद के बाद अचानक टूटा संपर्क
बताया जा रहा है कि शनिवार सुबह अंजू की अपने मंगेतर पंकज से बातचीत हो रही थी। किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद बढ़ गया। बातचीत के दौरान अंजू ने भावुक होकर कथित तौर पर कहा कि वह अपनी जान देने जा रही हैं और इसके तुरंत बाद फोन काट दिया।
अचानक कॉल कटने से घबराए पंकज ने तुरंत आईआईटी कैंपस में रहने वाले अपने दोस्त सूरज को संपर्क किया और अंजू के कमरे पर जाकर देखने को कहा। सूरज उस समय व्यस्त था, इसलिए उसने अपने भाई सुरेश को वहां भेजा।
बंद मिला कमरा, दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंचे लोग
सुरेश जब अंजू के कमरे पर पहुंचा तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने और आवाज देने के बावजूद अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वॉर्डन को सूचना दी गई और बाद में पुलिस को भी खबर कर दी गई।
जिसके बाद कमरे का दरवाजा तोड़ा गया। अंदर का दृश्य देख सब सन्न रह गए अंजू पंखे से लटकी हुई थीं। अंजू को तुरंत पंखे से उतारकर आईआईटी परिसर के अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस और फोरेंसिक टीम ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही कल्याणपुर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। जांच के दौरान कमरे से एक डायरी बरामद हुई है, जिसमें अंजू ने अपनी निजी जिंदगी से जुड़ी कई बातें लिखी थीं। पुलिस डायरी के आधार पर आत्महत्या के कारणों की पड़ताल कर रही है।
अधिकारियों के मुताबिक, अंजू की शादी उड़ीसा के एक पावर हाउस में तैनात पंकज से तय हुई थी और कुछ ही दिनों में उनकी सगाई होने वाली थी।
परिवार सदमे में, पोस्टमार्टम के बाद होगा अंतिम संस्कार
घटना की सूचना मिलते ही अंजू के परिजन झारखंड से कानपुर के लिए रवाना हो गए। परिवार का कहना है कि अंजू ने कभी किसी परेशानी का जिक्र उनसे नहीं किया था। वे खुद भी समझ नहीं पा रहे हैं कि आखिर उसने ऐसा कदम क्यों उठाया।
परिजनों के पहुंचने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।
आईआईटी परिसरों में बढ़ती आत्महत्या की घटनाएं चिंता का विषय
बता दें कि पिछले दो वर्षों में देश भर के आईआईटी संस्थानों में आत्महत्या की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में विभिन्न आईआईटी में करीब 30 छात्रों ने आत्महत्या की है, जिनमें से लगभग 10 मामले अकेले आईआईटी कानपुर से जुड़े हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि शैक्षणिक दबाव, व्यक्तिगत तनाव और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियां ऐसी घटनाओं के पीछे प्रमुख कारण हो सकती हैं। इस तरह की घटनाएं संस्थानों में काउंसलिंग और मानसिक स्वास्थ्य सहायता प्रणाली को और मजबूत करने की जरूरत की ओर इशारा करती हैं।