Jharkhand: झारखंड विधानसभा में धनबाद की लंबे समय से लंबित जलापूर्ति योजना को लेकर तीखी बहस देखने को मिली। विधायक अरूप चटर्जी ने इस परियोजना की धीमी प्रगति पर सवाल उठाते हुए सरकार का ध्यान आकर्षित किया।
ठेका कंपनी पर गंभीर आरोप
विधायक ने कहा कि करीब 500 करोड़ रुपये की लागत से शुरू की गई इस योजना का जिम्मा श्री राम ईपीसी कंपनी को सौंपा गया था, लेकिन अब तक जमीनी स्तर पर कोई ठोस काम पूरा नहीं हो पाया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कंपनी के किसी अन्य संस्था में विलय के कारण परियोजना की स्थिति और उलझ गई है।
सरकार ने लिया संज्ञान
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री योगेंद्र महतो ने कहा कि सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से देख रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि योजना को शीघ्र पूरा करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
जांच के निर्देश, जल्द रिपोर्ट का वादा
मंत्री ने यह भी बताया कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सदन के सामने पेश की जाएगी। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित एजेंसियों पर कार्रवाई भी की जाएगी।
जनता को अब भी इंतजार
इस महत्वपूर्ण परियोजना के अधूरा रहने से स्थानीय लोगों को अब भी जल संकट का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में लोगों की उम्मीदें सरकार की आगामी कार्रवाई और परियोजना की जल्द पूर्णता पर टिकी हुई हैं।