Ranchi News : ओरमांझी स्थित बिरसा जैविक उद्यान में वन्यजीवों की देखभाल और प्रबंधन को लेकर नई चुनौती खड़ी हो गई है। अदालत के एक आदेश के बाद जू में संविदा आधारित नियुक्तियों और मानव संसाधन प्रबंधन पर असर पड़ा है, जिससे पशु-पक्षियों की नियमित देखभाल प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
जू प्रबंधन के अनुसार, कई महत्वपूर्ण पद लंबे समय से रिक्त हैं और नई नियुक्तियों की प्रक्रिया प्रभावित होने के कारण उपलब्ध कर्मचारियों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है। पशुओं के भोजन, स्वास्थ्य परीक्षण, सफाई और अन्य दैनिक कार्यों के संचालन में कठिनाइयां सामने आ रही हैं।
वन्यजीवों की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर असर की आशंका
विशेषज्ञों का मानना है कि जू जैसे संवेदनशील संस्थानों में प्रशिक्षित कर्मियों की पर्याप्त उपलब्धता जरूरी होती है। कर्मचारियों की कमी लंबे समय तक बनी रहने पर वन्यजीवों की निगरानी, उपचार और संरक्षण संबंधी कार्य प्रभावित हो सकते हैं। इससे पशुओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर भी असर पड़ने की आशंका है।
जू प्रबंधन और वन विभाग स्थिति से निपटने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि पशुओं की देखभाल में किसी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
प्रशासनिक और कानूनी पहलुओं पर नजर
मामले को लेकर संबंधित विभाग कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं का अध्ययन कर रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि आवश्यक अनुमति और प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद मानव संसाधन से जुड़ी समस्याओं का समाधान निकाला जाएगा, ताकि जू की व्यवस्थाएं सामान्य रूप से संचालित होती रहें।