Ranchi News : हाईकोर्ट ने जाति प्रमाण पत्र से जुड़े मामले में डॉ. नूतन इंदवार समेत 22 अभ्यर्थियों की अपील खारिज कर दी है। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने यह फैसला सुनाते हुए पूर्व के आदेश को बरकरार रखा। मामला जेएसएससी और जेपीएससी की नियुक्तियों से जुड़ा था, जिसमें अभ्यर्थियों को निर्धारित तिथि और तय प्रारूप में जाति प्रमाण पत्र जमा करना अनिवार्य किया गया था।
कट-ऑफ डेट के बाद जमा किए गए प्रमाण पत्र को आयोग ने नहीं किया स्वीकार
सुनवाई के दौरान आयोग की ओर से बताया गया कि कई अभ्यर्थियों ने निर्धारित समय सीमा के बाद जाति प्रमाण पत्र जमा किया था या तय प्रारूप का पालन नहीं किया था। इसके बाद आयोग ने उनकी उम्मीदवारी रद्द कर दी और उन्हें आरक्षित वर्ग से सामान्य वर्ग में शामिल कर दिया गया। इसी निर्णय को चुनौती देते हुए अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में अपील दायर की थी।
खंडपीठ ने पूर्व फैसलों और नियमों के आधार पर सुनाया निर्णय
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने तीन जजों की पूर्ण पीठ द्वारा तय महत्वपूर्ण बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए फैसला सुनाया। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता अमृतांश वत्स ने पक्ष रखा, जबकि जेएसएससी/जेपीएससी की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरावाल ने दलीलें दीं। कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद अपील खारिज कर दी।