US-Iran Ceasefire: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म "ट्रुथ सोशल" पर ईरान के साथ दो हफ्तों के युद्धविराम (सीजफायर) की घोषणा कर दुनिया को चौंका दिया है. ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यह फैसला पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ आसिम मुनीर के प्रस्ताव पर लिया गया है. इस समझौते की मुख्य शर्त स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलना है, ताकि वैश्विक व्यापार सुचारू हो सके. ट्रंप ने कड़े तेवर छोड़ते हुए कहा कि अमेरिका अपने सैन्य लक्ष्य पा चुका है और अब इन 15 दिनों का उपयोग इस्लामाबाद में होने वाली शांति वार्ता के लिए किया जाएगा.
ईरान ने भी दी मंजूरी, इजरायल ने भी हमलों पर लगाई रोक
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सीजफायर की पुष्टि करते हुए कहा कि यदि अमेरिका हमले रोकता है, तो उनकी सेना भी रक्षात्मक कार्रवाई बंद कर देगी. इस कूटनीतिक सफलता में चीन की भी अहम भूमिका बताई जा रही है. राहत की बात यह है कि इजरायल ने भी इस दौरान ईरान पर हमले रोकने के लिए अपनी सहमति दे दी है. अब दोनों देशों के प्रतिनिधि पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में आमने-सामने बैठकर 10 बिंदुओं वाले शांति प्रस्ताव पर चर्चा करेंगे, जिसे भविष्य में स्थायी शांति का आधार माना जा रहा है.
फैसले के खिलाफ व्हाइट हाउस पर नारेबाजी
सीजफायर के एलान के बाद जहां वैश्विक स्तर पर शांति की उम्मीद जगी है, वहीं वॉशिंगटन में घरेलू स्तर पर विरोध शुरू हो गया है. व्हाइट हाउस के बाहर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने ट्रंप सरकार के इस फैसले को जल्दबाजी में उठाया गया कदम बताते हुए नारेबाजी की. सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने व्हाइट हाउस के आसपास भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया है. विश्लेषकों का मानना है कि ये दो हफ्ते न केवल युद्ध को टालने के लिए बल्कि क्षेत्र की भविष्य की सुरक्षा और स्थिरता के लिए निर्णायक साबित होंगे.