जानकारी के अनुसार रांची विश्वविद्यालय, डीएसपीएमयू, जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी और पंडित रघुनाथ मुर्मू विश्वविद्यालय में कुलपति की नियुक्ति होनी है। वहीं रांची विश्वविद्यालय, कोल्हान विश्वविद्यालय, नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय, विनोबा भावे विश्वविद्यालय, सिदो-कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय और विनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय में प्रतिकुलपति की नियुक्ति की जाएगी।
ढाई वर्षों से खाली पड़े
सभी विश्वविद्यालयों के लिए प्राप्त आवेदनों की स्क्रूटनी पूरी कर ली गई है। सर्च कमेटी शेष योग्य उम्मीदवारों के साथ इंटरैक्शन के बाद पैनल तैयार करेगी, जिस पर राज्यपाल सह कुलाधिपति मुख्यमंत्री की सलाह पर अंतिम मुहर लगाएंगे। उल्लेखनीय है कि राज्य के कई विश्वविद्यालयों में पिछले सात माह से कुलपति के पद रिक्त हैं, जबकि कुछ विश्वविद्यालयों में प्रतिकुलपति के पद दो से ढाई वर्षों से खाली पड़े हैं।
जुलाई 2026 में समाप्त
नियमित कुलपति की अनुपस्थिति के कारण रांची विश्वविद्यालय और डीएसपीएमयू का अतिरिक्त प्रभार वर्तमान में जेयूटी के कुलपति को सौंपा गया है। वहीं जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी में कुलपति का प्रभार कोल्हान विश्वविद्यालय के कुलपति के पास है। उल्लेखनीय है कि जेयूटी के कुलपति का कार्यकाल जुलाई 2026 में समाप्त हो रहा है।
इधर, पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा विश्वविद्यालयों में कुलपति और प्रतिकुलपति की नियुक्ति का अधिकार राज्य सरकार को देने संबंधी प्रस्ताव को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा खारिज किए जाने का असर झारखंड पर भी पड़ सकता है। झारखंड सरकार ने भी इसी तरह का संशोधन विधेयक विधानसभा से पारित कर लोकभवन भेजा है। फिलहाल लोकभवन ने उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग से कुछ बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा था, जिसे विभाग ने स्पष्ट कर वापस भेज दिया है।
जिम्मेदारी मिलने की संभावना जताई जा रही
सूत्रों के अनुसार राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों में पूर्व में कार्य कर चुके दो कुलपति और वर्तमान में विश्वविद्यालय प्रशासन से जुड़े कुछ अधिकारियों को नए विश्वविद्यालयों में कुलपति अथवा प्रतिकुलपति के रूप में जिम्मेदारी मिलने की संभावना जताई जा रही है।