₹500 का जुर्माना और नगर शत्रु की उपाधि
पटना नगर निगम के नए आदेश के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति सड़क, फुटपाथ, पार्क या किसी भी सार्वजनिक स्थल पर थूकते हुए पकड़ा जाता है, तो उस पर तत्काल ₹500 का आर्थिक दंड लगाया जाएगा। इतना ही नहीं, निगम ने ऐसे व्यक्तियों के लिए एक विशेष शब्दावली का चयन किया है इन्हें नगर शत्रु घोषित किया जाएगा। यह कदम उन लोगों को चिन्हित करने के लिए उठाया गया है जो जानबूझकर शहर की स्वच्छता को नुकसान पहुँचाते हैं।
VMD स्क्रीन पर दिखाई जाएगी तस्वीर
इस अभियान का सबसे कड़ा हिस्सा पब्लिक शेमिंग (सार्वजनिक शर्मिंदगी) से जुड़ा है। शहर के प्रमुख चौराहों और व्यस्त इलाकों में लगी वैरिएबल मैसेज डिस्प्ले स्क्रीन पर इन नगर शत्रुओं की तस्वीरें प्रसारित की जाएंगी। निगम का मानना है कि केवल जुर्माने से लोग जागरूक नहीं हो रहे हैं, इसलिए उनकी पहचान सार्वजनिक करने से लोग इस गंदगी को फैलाने से डरेंगे।
स्मार्ट सिटी और स्वच्छता सर्वेक्षण पर नजर
स्वच्छता सर्वेक्षण 2026 में बेहतर रैंकिंग हासिल करने के लिए पटना नगर निगम जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रहा है। अधिकारियों के अनुसार, पान और गुटखे की पीक से शहर की दीवारों और डिवाइडरों की खूबसूरती खराब हो जाती है, जिसे साफ करने में निगम को लाखों रुपये खर्च करने पड़ते हैं।
जनता से भी अपील
निगम की विशेष टीमें और स्वच्छता प्रहरी अब सादे लिबास में शहर की निगरानी करेंगे। प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे पटना को साफ रखने में सहयोग करें और कचरे को केवल डस्टबिन में ही डालें। यदि आप भी पटना की सड़कों पर हैं, तो सावधान रहें, आपकी एक लापरवाही आपको पूरे शहर के सामने नगर शत्रु बना सकती है।