Jamshedpur: टाटा मोटर्स के जमशेदपुर प्लांट में हाल ही में एक विवाद चर्चा का केंद्र बन गया है। यह मामला अधीकृत टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन के महामंत्री आरके सिंह और कंपनी के निष्कासित कर्मचारी बंटी सिंह के बीच सोशल मीडिया पर हुई टिप्पणियों से शुरू हुआ। बंटी सिंह ने सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट साझा किया था, जिन्हें लेकर आरके सिंह के समर्थकों ने जमशेदपुर के टेल्को थाना में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने बंटी सिंह को तलब किया
शिकायत के आधार पर पुलिस ने बंटी सिंह को तलब किया और उनसे मामले के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा। इस दौरान बंटी सिंह अपने दल बल के साथ थाना पहुंचे और पुलिस अधिकारियों के सामने अपनी बात रखी। थाने पर बातचीत के दौरान दोनों पक्षों के बीच थोड़ी बहस भी हुई, लेकिन आखिर में बंटी सिंह ने पुलिस को अपना जवाब सौंप दिया।
बंटी सिंह को पुलिस ने दिया आश्वासन
बंटी सिंह ने मीडिया से बातचीत में बताया कि पुलिस ने उन्हें आश्वासन दिया है कि यदि वे गलत नहीं पाए गए तो कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी, लेकिन यदि किसी तरह का उल्लंघन पाया जाता है तो उसके लिए वह जिम्मेदार होंगे। बंटी सिंह ने कहा, "मैं व्यक्तिगत लड़ाई के लिए नहीं आया हूं, मेरी लड़ाई मजदूरों के हित में है। अगर जरूरत पड़ी तो निजी लड़ाई भी लड़नी पड़ेगी, लेकिन फिलहाल हमारा उद्देश्य मजदूरों के अधिकारों की रक्षा करना है।"
बंटी सिंह ने आरके सिंह पर लगाया आरोप
बंटी सिंह ने आरके सिंह पर आरोप लगाया कि वे लगातार कर्मचारियों और मजदूरों के हितों के खिलाफ काम कर रहे हैं और यही कारण है कि उन्होंने इस लड़ाई की शुरुआत की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे कानूनी दायरे में रहते हुए अपनी लड़ाई को किसी भी हद तक आगे बढ़ाने को तैयार हैं।
फिलहाल कंपनी में तनावपूर्ण का माहौल
इस पूरे विवाद के कारण टाटा मोटर्स के जमशेदपुर प्लांट का माहौल फिलहाल तनावपूर्ण बना हुआ है। कर्मचारियों और यूनियन के बीच बढ़ते मतभेदों ने प्लांट में चर्चा और हलचल बढ़ा दी है।