Jharkhand News: झारखंड में अफीम, ब्राउन शुगर, गांजा और अन्य नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है.झारखंड पुलिस अब नशे के कारोबार से जुड़े अपराधियों और संगठित गिरोहों के सरगनाओं की संपत्तियों की पहचान कर उनकी सूची तैयार करेगी. नशे के पैसे से बनाई गई चल-अचल संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई भी की जाएगी.
यह निर्देश पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) तदाशा मिश्रा ने दिए हैं. डीजीपी ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए रांची, चतरा, पलामू, सिंहभूम, चाईबासा, हजारीबाग, लातेहार, सरायकेला-खरसावां और खूंटी जिलों के एसएसपी व एसपी के साथ समीक्षा बैठक की.
एनडीपीएस मामलों में सख्ती के निर्देश
बैठक में डीजीपी ने साफ कहा कि एनडीपीएस एक्ट के आरोपियों को किसी भी हालत में बख्शा न जाए.उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. उन्होंने वर्ष 2025 में अवैध अफीम की खेती को नष्ट करने के आंकड़ों, 2024-25 में की गई कार्रवाई, विनष्टिकरण से जुड़ी जमीन के सत्यापन और दर्ज मामलों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की.
बड़े तस्करों तक पहुंचने पर जोर
डीजीपी ने सभी एसपी को निर्देश दिया कि नशीले पदार्थों से जुड़े पुराने और नए मामलों के बीच कड़ी जोड़ी जाए, ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके और गिरोह के सरगनाओं तक पहुंचकर उन पर कार्रवाई हो सके.
अवैध अफीम खेती रोकने के लिए संयुक्त प्रयास
अवैध अफीम की खेती पर रोक लगाने के लिए पुलिस को राजस्व, कृषि और वन विभाग के साथ मिलकर काम करने के निर्देश दिए गए हैं. सरकारी, रैयती और वन भूमि पर हो रही अफीम की खेती की पहचान कर जरूरत के अनुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
ड्रोन और स्थानीय सहयोग से होगी कार्रवाई
विशेष शाखा और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) से मिलने वाली सूचनाओं के आधार पर मानकी, मुंडा, मुखिया, जनप्रतिनिधियों और महिला समितियों का सहयोग लिया जाएगा। इसके साथ ही ड्रोन कैमरों की मदद से अफीम की अवैध खेती की पहचान कर उसे नष्ट किया जाएगा.
बैठक में आईजी मनोज कौशिक, सीआईडी आईजी असीम विक्रांत मिंज सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद थे. झारखंड पुलिस के इस कदम से राज्य में नशे के अवैध कारोबार पर बड़ा असर पड़ने की उम्मीद है.