Jharkhand News: झारखंड में नगर निकाय चुनाव को लेकर तस्वीर साफ हो गई है. राज्य निर्वाचन आयोग इसी माह चुनाव की अधिसूचना जारी करेगा. फरवरी के अंतिम सप्ताह या मार्च में एक चरण में मतदान कराए जाने की तैयारी है. अगले महीने संभावित विशेष मतदाता पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया का इन चुनावों पर कोई असर नहीं होगा. नगर निकाय चुनाव पहले से प्रकाशित पुरानी मतदाता सूची के आधार पर बैलेट पेपर से कराए जाएंगे.
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने ली उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
नगर निकाय चुनाव की तैयारियों को लेकर गुरुवार को राज्य निर्वाचन आयुक्त अलका तिवारी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उच्चस्तरीय बैठक की. बैठक में गृह सचिव, डीजीपी, नगर विकास सचिव सहित सभी जिलों के डीसी और एसपी शामिल हुए. बैठक के दौरान कई जिलों से मतपेटी की जरूरत, उपलब्धता और मरम्मत से जुड़ी रिपोर्ट नहीं मिलने पर राज्य निर्वाचन आयुक्त ने नाराजगी जताई.
चुनावकर्मियों के प्रशिक्षण और कोषांग गठन पर जोर
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने निर्देश दिया कि चुनाव में लगाए जाने वाले कर्मियों का डेटाबेस जल्द तैयार किया जाए और प्रशिक्षण प्रक्रिया समय पर पूरी की जाए. उन्होंने यह भी कहा कि जिन जिलों में अब तक चुनाव कोषांग का गठन नहीं हुआ है, वहां इसे तुरंत गठित किया जाए ताकि आगे की प्रक्रिया में कोई बाधा न आए.
संवेदनशील बूथों की पहचान और सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा
बैठक में संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों की पहचान को लेकर भी चर्चा हुई. इन बूथों पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बलों की आवश्यकता, अतिरिक्त बलों की तैनाती, वज्र गृह की व्यवस्था, नामांकन प्रक्रिया, मतदान और मतगणना से जुड़े बिंदुओं पर विस्तार से विचार किया गया.
राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राधेश्याम प्रसाद ने बताया कि जल्द ही मेयर और अध्यक्ष पद के लिए आरक्षण का प्रकाशन किया जाएगा. इस पर किसी तरह की आपत्ति नहीं ली जाएगी और आरक्षण का फॉर्मूला तय कर दिया जाएगा.
SIR से अलग चुनाव कराने का फैसला प्रक्रिया को सरल बनाएगा
नगर निकाय चुनाव को लेकर आयोग की स्पष्टता से राजनीतिक दलों और प्रशासन दोनों को तैयारी का समय मिलेगा. SIR से अलग चुनाव कराने का फैसला प्रक्रिया को सरल बनाएगा. अब चुनौती समय पर व्यवस्थाओं को पूरा करने और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने की होगी.