बैकलॉग खत्म करने पर रहा विशेष जोर
साल 2025 की शुरुआत में धनबाद पुलिस के पास कुल 4,716 लंबित मामले थे। वहीं, पूरे साल के दौरान 6,408 नए कांड दर्ज किए गए। पुलिस कप्तान के कुशल नेतृत्व और टीम वर्क का नतीजा यह रहा कि पुलिस ने न केवल नए मामलों की जांच की, बल्कि सालों से धूल फांक रही फाइलों को भी बंद किया।
आंकड़ों की जुबानी, सफलता की कहानी
धनबाद पुलिस की कार्यकुशलता को इन आंकड़ों से समझा जा सकता है, कुल निष्पादित कांड (2025): 8,992, दर्ज कांडों (6,408) की तुलना में लगभग 140% मामलों का निपटारा किया गया।, 1 जनवरी 2026 तक लंबित कांडों की संख्या घटकर मात्र 2,132 रह गई है।
क्यों खास है यह उपलब्धि
आमतौर पर पुलिस के पास हर साल दर्ज होने वाले मामलों की तुलना में लंबित मामलों का बोझ बढ़ता जाता है। लेकिन धनबाद पुलिस ने इस गणित को उलट दिया। दर्ज मामलों (6,408) के मुकाबले कहीं अधिक (8,992) मामलों का निष्पादन करना यह दर्शाता है कि पुलिस ने "मिशन मोड" में काम किया है।
बैठक में हत्या, लूट, महिला अपराध, पॉक्सो, साइबर अपराध, संगठित अपराध और नक्सल मामलों की गहन समीक्षा की गई। बाइक चोरी की घटनाओं में कमी और चोरी गई बाइकों की बरामदगी को बड़ी सफलता बताया गया।
आगामी सरस्वती पूजा को लेकर एसएसपी ने विशेष सतर्कता के निर्देश देते हुए डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करने और उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई का आदेश दिया। वहीं ट्रैफिक नियमों के पालन को लेकर हेलमेट, ड्रंक एंड ड्राइव और मॉडिफाइड वाहनों पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने की बात कही गई।
एसएसपी ने जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना डायल 112 या नजदीकी थाना को दें, सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
पुलिस विभाग के इस प्रदर्शन की सराहना
इस सफलता से न केवल पीड़ितों को त्वरित न्याय मिला है, बल्कि इससे अपराधियों में भी भय पैदा होगा। पुलिस विभाग के इस प्रदर्शन की सराहना करते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही रफ्तार रही, तो धनबाद जल्द ही न्यूनतम पेंडेंसी वाला जिला बन जाएगा।