Jharkhand News: रामगढ़ पुलिस ने अंतरराज्यीय साइबर अपराध और हत्या के एक बड़े आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है. पुलिस के अनुसार बिहार और झारखंड में साइबर ठगी के मामलों में कुख्यात संतु कुमार को शहर से दबोचा गया है. आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और पुलिस को उसकी तलाश थी. गिरफ्तारी के वक्त वह अपनी पहचान छिपाकर रामगढ़ में रह रहा था.
एसपी के नेतृत्व में बनी विशेष टीम
रामगढ़ एसपी अजय कुमार को गुप्त सूचना मिली थी कि एक हाई प्रोफाइल अपराधी जिले में छिपा हुआ है. सूचना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एक विशेष टीम गठित की गई. टीम ने योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की और इलाके की घेराबंदी कर आरोपी संतु कुमार को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में उसकी पहचान बिहार के नालंदा जिले के निवासी के रूप में हुई है.
करोड़ों की साइबर ठगी में रहा सक्रिय
पुलिस जांच में सामने आया है कि संतु कुमार लंबे समय से साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़ा हुआ था. बिहार और झारखंड के कई इलाकों में उसने लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी की है. इसी कारण वह साइबर अपराधियों के बीच एक बड़े नाम के तौर पर जाना जाता था और विभिन्न राज्यों की पुलिस उसकी तलाश कर रही थी.
कारोबारी की हत्या का भी है मुख्य आरोपी
जांच के दौरान संतु कुमार के खिलाफ एक सनसनीखेज हत्याकांड का भी खुलासा हुआ है. पुलिस के अनुसार वह महाराष्ट्र के रतनदीप कास्टिंग कंपनी के मालिक लक्ष्मण शिंदे की हत्या का मुख्य आरोपी है. संतु ने कारोबारी को व्यापारिक सौदे के बहाने पटना बुलाया था और वहां उनसे करीब 8 लाख रुपये की ठगी की थी.
पासवर्ड न देने पर बेरहमी से हत्या
पुलिस का कहना है कि ठगी के बाद संतु ने लक्ष्मण शिंदे से उनके बैंक खातों के पासवर्ड मांगे थे. जब कारोबारी ने इनकार किया तो आरोपी ने बेरहमी से उनकी हत्या कर दी. हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने के लिए शव को नालंदा जिले के एक सुनसान इलाके में फेंक दिया गया था. इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है.
लंबे समय से पुलिस को दे रहा था चकमा
पुलिस के अनुसार हत्याकांड का मास्टरमाइंड संतु कुमार लगातार अपनी पहचान बदलकर अलग-अलग जगहों पर छिपता रहा. इसी वजह से वह लंबे समय तक कानून की पकड़ से बाहर रहा. रामगढ़ में उसकी मौजूदगी की सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया.
संतु कुमार की गिरफ्तारी से अंतरराज्यीय साइबर अपराध और हत्याकांड की एक बड़ी कड़ी सामने आई है. यह मामला दिखाता है कि साइबर ठगी अब केवल आर्थिक अपराध नहीं रह गई है, बल्कि इसके तार गंभीर आपराधिक घटनाओं से भी जुड़ रहे हैं. रामगढ़ पुलिस की इस कार्रवाई से न केवल एक खतरनाक अपराधी पकड़ा गया है, बल्कि साइबर अपराध नेटवर्क पर भी दबाव बढ़ा है.