Ranchi: झारखंड की राजधानी रांची में रक्षा क्षेत्र की जमीन के प्रबंधन और सुरक्षा को लेकर एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। राज्य के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने संयुक्त रूप से रांची में रक्षा संपदा उप-कार्यालय का भव्य उद्घाटन किया। इस पहल से न केवल सैन्य भूमि की सुरक्षा पुख्ता होगी, बल्कि दशकों से लंबित समस्याओं का समाधान भी स्थानीय स्तर पर संभव हो सकेगा।
अब दानापुर जाने की जरूरत नहीं
उद्घाटन के दौरान रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए इसे एक मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि रांची का एक गौरवशाली सैन्य इतिहास रहा है, लेकिन अब तक रक्षा भूमि से जुड़े किसी भी छोटे-बड़े काम के लिए लोगों और अधिकारियों को दानापुर के चक्कर लगाने पड़ते थे। अब रांची में ही स्वतंत्र कार्यालय होने से समय और संसाधनों की बचत होगी।
अतिक्रमण और भूमि विवादों पर लगेगी लगाम
इस नए कार्यालय के खुलने से कई महत्वपूर्ण लाभ होने की उम्मीद है, अतिक्रमण पर नियंत्रण, सेना की जमीनों पर होने वाले अवैध कब्जों और अतिक्रमण की निगरानी अब ज्यादा प्रभावी ढंग से हो सकेगी।
स्थानीय का हल
छावनी क्षेत्रों के आसपास रास्तों के विवाद, एनओसी और सीमांकन से जुड़े मामलों का निपटारा अब तेजी से होगा। डिजिटल प्रबंधन, रक्षा संपदा के रिकॉर्ड्स का बेहतर रखरखाव और डिजिटलीकरण स्थानीय स्तर पर सुनिश्चित किया जाएगा।
राज्यपाल का संदेश
राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने इस अवसर पर कहा कि रक्षा संपदा से जुड़ी नीतियों को और अधिक पारदर्शी और मजबूत बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह कार्यालय सेना और नागरिक प्रशासन के बीच एक बेहतर समन्वय सेतु के रूप में कार्य करेगा। रांची में इस उप-कार्यालय की स्थापना से झारखंड में रक्षा प्रशासन की पहुंच और पकड़ मजबूत हुई है। यह कदम ईज ऑफ लिविंग की दिशा में भी एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।