Chattisgarh: छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले से एक दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां स्थित एक स्पंज आयरन प्लांट में अचानक हुए भीषण विस्फोट ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। इस भयावह हादसे में बिहार के छह मजदूरों की जिंदा जलकर मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच अन्य मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए हैं। धमाका इतना तेज था कि आग की लपटों ने कुछ ही पलों में पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। मृतकों के शव बुरी तरह झुलस चुके हैं, जिससे उनकी पहचान करना भी मुश्किल हो गया है।
प्रबंधन की ओर से राहत एवं बचाव कार्य शुरू
घायलों की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। प्राथमिक इलाज के बाद सभी घायलों को बेहतर उपचार के लिए बिलासपुर स्थित बर्न ट्रीटमेंट सेंटर रेफर किया गया है, जहां डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनका इलाज कर रही है। प्रशासन और प्लांट प्रबंधन की ओर से राहत एवं बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
पिता पुत्र दोनों की हुई मौत
हादसे में जान गंवाने वाले सभी मजदूर बिहार के गया जिले के डुमरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत गोटिबांध गांव के निवासी बताए जा रहे हैं। जैसे ही इस दर्दनाक हादसे की सूचना गांव पहुंची, पूरे इलाके में मातम छा गया। गांव के हर घर में शोक की लहर दौड़ गई है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इस हादसे में मृतकों में एक पिता और उसका बेटा भी शामिल हैं, जो साथ-साथ मजदूरी कर परिवार का सहारा बने हुए थे।
15 दिन पहले ही रोजगार की तलाश में छत्तीसगढ़ गए
जानकारी के अनुसार, ये सभी मजदूर महज 15 दिन पहले ही रोजगार की तलाश में छत्तीसगढ़ गए थे। परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने की उम्मीद लेकर वे घर से निकले थे। इसके करीब आठ दिन बाद बेटा राजदेव भी अपने पिता के पास काम करने पहुंचा था। किसी ने भी नहीं सोचा था कि मेहनत-मजदूरी की तलाश में उठाया गया यह कदम उनके लिए काल बन जाएगा।
औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े
इस हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। वहीं, मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे की घोषणा की मांग भी जोर पकड़ने लगी है।