Jamshedpur Big News: सोनारी एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाले यात्रियों के लिए राहत की खबर है. कुछ समय से अनिश्चितता में चल रही जमशेदपुर से कोलकाता और भुवनेश्वर की हवाई सेवा अब आगे भी जारी रहेगी. केंद्र सरकार ने इंडिया वन एयर को अवधि विस्तार का संकेत दे दिया है, जिससे इस रूट को लेकर बनी असमंजस की स्थिति लगभग खत्म हो गई है.
लाइसेंस को मिली हरी झंडी
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम उदान के तहत इंडिया वन एयर के लाइसेंस नवीकरण को मौखिक स्वीकृति दे दी है. सोनारी एयरपोर्ट से यह सेवा पिछले तीन वर्षों से चल रही थी और इसकी मियाद 31 जनवरी 2026 को समाप्त होने वाली थी. तकनीकी प्रक्रिया पूरी होने के बाद कंपनी को अवधि बढ़ाने की मंजूरी मिल गई है. अब केवल लिखित आदेश का इंतजार है.
टाटा स्टील ने भी दी सहमति
कंपनी को टाटा स्टील प्रबंधन से भी हरी झंडी मिल चुकी है. सोनारी एयरपोर्ट से विमानों के संचालन को लेकर एयरपोर्ट प्रबंधन ने पहले ही अपनी सहमति दे दी है. इससे यह साफ हो गया है कि स्थानीय स्तर पर संचालन को लेकर कोई अड़चन नहीं है.
दुर्घटना के बाद रुकी उड़ानें
10 जनवरी 2026 को राउरकेला में इंडिया वन एयर का एक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. इसके बाद से सोनारी एयरपोर्ट से नियमित सेवाएं अस्थायी रूप से बाधित हो गई थीं. इसी बीच कंपनी ने अपने बेड़े में एक नया 9-सीटर कैरावेन विमान शामिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
मार्च तक आएगा नया विमान
कंपनी प्रबंधन के अनुसार नया 9 सीटर विमान मार्च 2026 तक बेड़े में शामिल हो सकता है. जैसे ही यह विमान आएगा, जमशेदपुर से भुवनेश्वर और जमशेदपुर से कोलकाता रूट पर नियमित उड़ानें फिर से शुरू कर दी जाएंगी.
वर्तमान में कहां चल रही सेवा
इस समय इंडिया वन एयर का संचालन भुवनेश्वर से जयपुर और भुवनेश्वर से राउरकेला के बीच किया जा रहा है. सोनारी से सेवाएं नए विमान के आने के बाद दोबारा बहाल होंगी.
राज्य सरकार की मंजूरी बाकी
केंद्र सरकार और टाटा स्टील प्रबंधन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन झारखंड सरकार की मंजूरी अभी लंबित है. कंपनी प्रबंधन ने राज्य सरकार को पहले ही आवेदन दे दिया है, इसके बावजूद अब तक कोई अंतिम निर्णय नहीं आया है.
जमशेदपुर जैसे औद्योगिक शहर के लिए हवाई कनेक्टिविटी बेहद जरूरी है. कोलकाता और भुवनेश्वर जैसे प्रमुख शहरों से सीधी उड़ानें न केवल व्यापार बल्कि स्वास्थ्य और शिक्षा के लिहाज से भी अहम हैं. लाइसेंस विस्तार और नए विमान के आने से क्षेत्रीय यात्रियों को फिर से तेज और सुविधाजनक सफर का विकल्प मिलेगा, लेकिन राज्य सरकार की मंजूरी में देरी इस प्रक्रिया को और लंबा खींच सकती है.