Jharkhand Politics: केंद्र सरकार 01 फरवरी को संसद में आम बजट पेश करने जा रही है. बजट को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए प्रदेश कांग्रेस महासचिव सह मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने कहा कि झारखंड जैसे पिछड़े और नवगठित राज्य को केंद्र से विशेष सहयोग मिलना चाहिए, ताकि राज्य विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ सके.
केंद्र सरकार पर झारखंड का लगभग 1 लाख 36 हजार करोड़ रुपये बकाया
उन्होंने कहा कि झारखंड ने हाल ही में अपने गठन के 25 वर्ष पूरे किए हैं, लेकिन अब भी राज्य को केंद्र से मिलने वाली बड़ी राशि लंबित है. केंद्र सरकार पर झारखंड का लगभग 1 लाख 36 हजार करोड़ रुपये बकाया है, जिसे जल्द से जल्द जारी किया जाना चाहिए.
राकेश सिन्हा ने यह भी मांग की कि बिहार की तर्ज पर झारखंड में मईया सम्मान योजना के लिए 10 हजार रुपये का प्रावधान किया जाए. इससे राज्य सरकार इस योजना की राशि को 2500 रुपये से बढ़ाकर 10 हजार रुपये कर सकेगी, जिससे गांवों में रहने वाली आदिवासी, दलित और अन्य वर्ग की महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हो सकेंगी.
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने इस बजट को “विकसित भारत 2047” का बजट बताया है. इस लक्ष्य को हासिल करने में झारखंड की अहम भूमिका हो सकती है. इसके लिए राज्य में बड़े उद्योग-धंधों की स्थापना जरूरी है. साथ ही देश के मदर उद्योग एचईसी को बचाने और पुनर्जीवित करने के लिए बजट में विशेष प्रावधान किया जाना चाहिए.
राकेश सिन्हा ने आगे कहा कि आम बजट में कृषि क्षेत्र को प्राथमिकता मिलनी चाहिए. झारखंड में प्राकृतिक संसाधनों की कोई कमी नहीं है. राज्य को मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करने के लिए केंद्र सरकार को विशेष सहायता पैकेज देना चाहिए.