Crime News: जमशेदपुर में आतंकी स्लीपर सेल से जुड़े इनपुट के बाद खुफिया एजेंसियां और दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच का स्पेशल सेल अलर्ट मोड में आ गया है. इंटरपोल से मिले संकेतों के आधार पर शहर के कई इलाकों को रडार पर रखा गया है और गहन स्तर पर जांच की जा रही है. एजेंसियों के पास शहर में 16 स्लीपर सेल नेटवर्क के सक्रिय होने की सूचना है, जिसके बाद निगरानी बढ़ा दी गई है.
देर रात पहुंची स्पेशल सेल टीम
तीन फरवरी की देर रात करीब एक बजे दिल्ली से क्राइम ब्रांच के स्पेशल सेल की एक टीम जमशेदपुर पहुंची थी. स्थानीय पुलिस के सहयोग से टीम ने कपाली थाना क्षेत्र में छापेमारी की और मो. शामी और एक अन्य युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए दिल्ली लेकर गई, सूत्रों की माने तो पूछताछ में कोई ठोस सुराग नहीं मिला, इसके साथ ही दोनों युवकों को छोड़ने की पुष्टि फिलहाल नहीं हो पाई है.
आतंकी संगठनों से संपर्क का शक
सूत्रों के अनुसार, हिरासत में लिए गए युवकों पर अलकायदा और आईएसआईएस से जुड़े नेटवर्क से संपर्क होने का शक था. इसी आधार पर उनसे पूछताछ की गई. एजेंसियों का मानना है कि शहर के अलग अलग इलाकों में स्लीपर सेल नेटवर्क के तार जुड़े हो सकते हैं, इसलिए जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है.
बताते चलें कि साल 2019 में एटीएस ने टाटानगर रेलवे स्टेशन से मौलाना कलीमुद्दीन को अलकायदा मॉड्यूल से जुड़े होने के शक में गिरफ्तार किया था. इससे पहले दिल्ली पुलिस के इनपुट पर अब्दुर्रहमान अली खान उर्फ कटकी और धातकीडीह निवासी मो शामी को भी पकड़ा गया था. मार्च 2024 में अदालत ने तीनों को बरी कर दिया था. कटकी के खिलाफ 19 और शामी के खिलाफ 17 गवाह पेश किए गए, लेकिन आरोप साबित नहीं हो सके. इसी अनुभव के कारण अब एजेंसियां किसी भी कार्रवाई से पहले पुख्ता सबूत जुटाने पर जोर दे रही हैं.
आईएसआईएस मॉड्यूल केस का लिंक
18 दिसंबर 2023 को एनआईए ने आईएसआईएस के वेल्लारी मॉड्यूल केस में देश के कई शहरों में छापेमारी की थी. उस दौरान जमशेदपुर से शहबाज समेत दो युवकों को गिरफ्तार किया गया था. यह मामला भी एजेंसियों की जांच का अहम हिस्सा रहा है.
फर्जी पासपोर्ट केस से बढ़ी जांच
जनवरी 2026 में दिल्ली एयरपोर्ट पर गोलमुरी निवासी एक युवक फर्जी पासपोर्ट के साथ पकड़ा गया था. इसके बाद एटीएस और दिल्ली पुलिस की संयुक्त टीम ने जमशेदपुर में कई जगहों पर छापेमारी की. टुइलाडुंगरी से तीन और कपाली से एक युवक को हिरासत में लिया गया. बाद में सभी को नोटिस देकर पूछताछ के लिए दिल्ली बुलाया गया. जांच अभी जारी है.
जमशेदपुर में बार बार सामने आ रहे इनपुट यह संकेत देते हैं कि शहर लंबे समय से एजेंसियों के रडार पर है. हालांकि पुराने मामलों में अदालत से बरी होने के बाद अब एजेंसियां हर कदम सोच समझकर उठा रही हैं. मौजूदा इनपुट के बाद जांच का दायरा बढ़ना यह दिखाता है कि सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावित खतरे को नजरअंदाज नहीं करना चाहतीं.