Jharkhand: असम में आदिवासी समाज की सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक स्थिति को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बंधु तिर्की ने कहा कि आदिवासियों की असली पहचान उनकी भाषा, परंपराएं, रीति-रिवाज और प्रकृति के साथ जुड़ी जीवन शैली है, जिसे मौजूदा सरकार लगातार कमजोर करने की कोशिश कर रही है।
घोड़ामारी, तेज़पुर और सोनितपुर जिलों में आयोजित एक विशेष बैठक को संबोधित करते हुए बंधु तिर्की ने कहा कि आदिवासी समाज अपनी विशिष्ट संस्कृति और प्रकृति के प्रति व्यावहारिक दृष्टिकोण के कारण अन्य समुदायों से अलग पहचान रखता है। लेकिन आज भाजपा शासन में इस समुदाय को न सिर्फ सामाजिक रूप से, बल्कि आर्थिक रूप से भी हाशिये पर धकेला जा रहा है।
इस बैठक में पदाधिकारी मौजूद रहे
इस बैठक में विभिन्न आदिवासी सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, जिले के प्रभावशाली आदिवासी जनप्रतिनिधि और आदिवासी छात्र यूनियन के पदाधिकारी मौजूद थे। सभी ने एक स्वर में असम के आदिवासी समुदाय के साथ हो रहे आर्थिक भेदभाव और उनकी पारंपरिक पहचान पर हो रहे हमले का विरोध किया।
भाजपा की नीतियों का उद्देश्य
बंधु तिर्की ने कहा कि भाजपा की नीतियों का उद्देश्य आदिवासियों को राजनीति के मुख्यधारा से दूर रखना है, ताकि उनकी आवाज़ को दबाया जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासनकाल में आदिवासियों के साथ भेदभाव कोई नई बात नहीं है, बल्कि यह लगातार होता आ रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी ने ही देशभर में आदिवासियों को आरक्षण का अधिकार देकर उन्हें सामाजिक सम्मान और एक अलग पहचान दिलाई थी। लेकिन आज वही समुदाय भाजपा सरकार की नीतियों के कारण उपेक्षित महसूस कर रहा है।
कांग्रेस नेता की विचारधार
कांग्रेस नेता ने दो टूक कहा कि उनकी पार्टी की विचारधारा हमेशा से धर्म, जाति और संप्रदाय से ऊपर उठकर वंचित और कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने की रही है। कांग्रेस आगे भी आदिवासी समाज के अधिकार, सम्मान और पहचान की लड़ाई पूरी ताकत से लड़ती रहेगी।
बंधु तिर्की ने जताया विश्वास
बंधु तिर्की ने विश्वास जताया कि कांग्रेस अपनी इसी नीति और जनसमर्थन के बल पर आगामी चुनावों में जीत हासिल करेगी और आदिवासी समाज को उसका हक और सम्मान वापस दिलाएगी।