Jharkhand Politics: झारखंड में सीएजी (CAG) की ताजा रिपोर्ट आने के बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई है. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और सांसद आदित्य साहू ने हेमंत सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि राज्य में घोटालों की एक लंबी श्रृंखला खड़ी हो गई है. साहू के अनुसार, एक तरफ सरकार बजट की कमी का बहाना बनाकर केंद्र पर दोषारोपण करती है, वहीं दूसरी ओर सीएजी की रिपोर्ट सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन की पोल खोल रही है. उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि नियम न बनने के कारण राज्य को 14वें वित्त आयोग के 486 करोड़ रुपये से हाथ धोना पड़ा, जबकि उपलब्ध 258 करोड़ रुपये खर्च ही नहीं किए गए.
पंचायतों और ग्रामीण विकास में भारी अनियमितता
आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि राज्य के गांवों और पंचायतों के विकास के लिए आवंटित फंड का दुरुपयोग किया गया है. उन्होंने पंचायत भवन निर्माण में हुई अनियमितताओं को उजागर करते हुए कहा कि योजनाओं का अनिवार्य सोशल ऑडिट तक नहीं कराया गया, जिससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिला. भाजपा अध्यक्ष ने सबसे गंभीर सवाल उपयोगिता प्रमाण पत्र (यूसी) को लेकर उठाए. उन्होंने कहा कि 7592 करोड़ रुपये के उपयोगिता प्रमाण पत्र अब तक जमा नहीं किए गए हैं, जो न केवल प्रशासनिक लापरवाही है बल्कि बड़े घोटाले की ओर इशारा करती है.
बुनियादी सुविधाओं का अभाव और श्वेत पत्र की मांग
हेमंत सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए आदित्य साहू ने कहा कि राज्य की जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है. युवाओं की नियुक्तियां रद्द हो रही हैं, स्कूलों में शिक्षकों और संसाधनों की भारी कमी है, तथा अस्पतालों में दवाइयों और एंबुलेंस का अभाव बना हुआ है. उन्होंने किसानों को धान का समय पर भुगतान न मिलने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया. साहू ने मांग की है कि सरकार राज्य की वर्तमान वित्तीय स्थिति पर तत्काल “श्वेत पत्र” जारी करे ताकि जनता के सामने सच्चाई आ सके.
सीबीआई जांच और जवाबदेही की अपील
भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर भाजपा ने कड़ा रुख अपनाते हुए हजारों करोड़ रुपये की इन कथित गड़बड़ियों की सीबीआई (CBI) जांच कराने की मांग की है.