National News: एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) ने राज्यसभा सांसदों को लेकर एक नई रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में सांसदों की संपत्ति, पढ़ाई और उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक केस की जानकारी दी गई है।
कई सांसदों पर हत्या तक के मुकदमे दर्ज
ADR ने 233 में से 229 सांसदों के एफिडेविट की समीक्षा की। इसमें पता चला कि 73 सांसदों यानी करीब 32% सांसदों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं, 36 सांसदों ने खुद माना है कि उनके खिलाफ केस चल रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ सांसदों पर हत्या, हत्या की कोशिश और महिलाओं से जुड़े अपराध के मामले दर्ज है।
सबसे ज्यादा आपराधिक मामले भाजपा सांसदों पर
रिपोर्ट में पार्टी के सांसदों के ऊपर दर्ज आपराधिक मामले की जानकारी दी गई है। सबसे ज्यादा केस भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 99 में से 27 सांसदों पर हैं। इसके बाद भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 28 में से 12 सांसदों पर केस दर्ज हैं।
इसके अलावा तृणमूल कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) और भारत राष्ट्र समिति के कई सांसदों पर भी मामले दर्ज हैं।
हर सांसद के पास 120 करोड़ की संपत्ति
अगर संपत्ति की बात करें, तो 229 सांसदों की कुल संपत्ति 27,638 करोड़ रुपये है। हर सांसद के पास करीब 120 करोड़ रुपये की संपत्ति है।
इनमें से 31 सांसद अरबपति हैं यानी उनकी संपत्ति 100 करोड़ रुपये से ज्यादा है। सबसे ज्यादा संपत्ति बंदी पार्थ सारथी के पास है, जिन्होंने 5,300 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति बताई है। इसके बाद राजिंदर गुप्ता और अल्ला अयोध्या रामि रेड्डी का नाम आता है।
सबसे कम संपत्ति वाले सांसद
सबसे कम संपत्ति संत बलबीर सिंह के पास है, जिनकी कुल संपत्ति करीब 3 लाख रुपये है। उनके बाद महाराजा सनजाओबा लीशेम्बा और प्रकाश चिक बारिक का नाम है।
कई सांसदों के संपत्ति का ब्यौरा उपलब्ध नहीं
रिपोर्ट के अनुसार ये साफ किया गया है कि कुछ सांसदों की जानकारी नहीं मिल पाई क्योंकि उनके एफिडेविट उपलब्ध नहीं थे। वहीं, झारखंड से एक सीट अभी खाली है। ADR की यह रिपोर्ट दिखाती है कि राज्यसभा के कई सांसद काफी अमीर हैं और एक बड़ा हिस्सा ऐसे सांसदों का भी है, जिन पर आपराधिक मामले चल रहे हैं।