Ranchi: रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर रविवार को ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में ट्रांसजेंडर लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए अपने अधिकारों की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान “हमें चाहिए आजादी” और “हम सबको चाहिए आजादी” जैसे नारों से पूरा इलाका गूंज उठा।
बिल को लेकर जताई नाराजगी
प्रदर्शन में ट्रांसजेंडरों ने लोकसभा में पारित हालिया विधेयक पर आपत्ति जताई। उनका कहना है कि यह प्रस्तावित कानून ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकारों और पहचान के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है।
अधिकारों की लंबी लड़ाई का जिक्र
ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्यों ने बताया कि ट्रांसजेंडर लोगों ने वर्षों के संघर्ष के बाद अपने अधिकार हासिल किए हैं। उन्होंने NALSA Judgment 2014 का जिक्र करते हुए कहा कि इस ऐतिहासिक फैसले ने ट्रांसजेंडर समुदाय को "तृतीय लिंग" के रूप में मान्यता दी और सरकारों को उनके लिए कल्याणकारी योजनाएं बनाने का निर्देश दिया।
वेलफेयर बोर्ड को लेकर सवाल
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि राज्य में ट्रांसजेंडर वेलफेयर बोर्ड का गठन काफी देरी से हुआ। लंबे समय तक इसके गठन की मांग की जाती रही और अंततः कानूनी पहल के बाद इसे बनाया गया, लेकिन आज भी यह पूरी तरह सक्रिय नहीं हो पाया है। उनका कहना है कि यह बोर्ड केवल कागजों तक सीमित नजर आता है और जमीनी स्तर पर इसका असर दिखाई नहीं देता।
सुविधाओं और योजनाओं की कमी पर नाराजगी
समुदाय के लोगों ने अपनी समस्याएं गिनाते हुए कहा कि झारखंड में अब तक ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। आश्रय गृह, सामुदायिक केंद्र और रोजगार के अवसर जैसी मूलभूत जरूरतें अभी भी अधूरी हैं। इसके अलावा आरक्षण और अन्य सरकारी योजनाओं को लेकर किए गए वादे भी अब तक पूरे नहीं हुए हैं।
सरकारी योजनाओं में भागीदारी की मांग
प्रदर्शन के दौरान यह भी आरोप लगाया गया कि कई सरकारी योजनाओं और परियोजनाओं में ट्रांसजेंडर समुदाय को प्राथमिकता नहीं दी जाती। उन्होंने मांग की कि सरकार और संबंधित संस्थाएं उन्हें भी समान अवसर प्रदान करें और योजनाओं के क्रियान्वयन में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करें।
समुदाय की एकजुटता और संघर्ष जारी
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने स्पष्ट किया कि वे अपने अधिकारों के लिए एकजुट हैं और आगे भी आवाज उठाते रहेंगे। उनका कहना है कि समाज में समानता, सम्मान और अवसर मिलना उनका अधिकार है और इसके लिए वे शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष जारी रखेंगे।
सरकार से ठोस कदम उठाने की अपील
ट्रांसजेंडर समुदाय ने राज्य सरकार से अपील की कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए और उनके लिए ठोस नीतियां बनाई जाएं। साथ ही उन्होंने कहा कि किसी भी नए कानून या नीति को लागू करने से पहले समुदाय की राय लेना जरूरी है, ताकि उनके हितों की अनदेखी न हो।