Hazaribagh: वित्तीय वर्ष 2016-17 और 2021-22 के तहत स्वीकृत प्रधानमंत्री आवास योजना के बावजूद अब तक घर नहीं बनाने वाले लाभुकों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। कटकमसांडी की प्रखंड विकास पदाधिकारी पूजा कुमारी ने ऐसे 112 लाभुकों को चिन्हित करते हुए उनके विरुद्ध कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि इन लाभुकों को लगातार तीन बार नोटिस जारी किया गया था, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने न तो निर्माण कार्य शुरू किया और न ही किसी प्रकार की संतोषजनक पहल की। ऐसे में प्रशासन ने अब कड़े कदम उठाते हुए चार लाभुकों के खिलाफ सर्टिफिकेट केस दर्ज कर दिया है, जबकि 80 से अधिक लोगों को अंतिम चेतावनी नोटिस भेजा गया है, जिससे साफ संकेत मिल रहा है कि अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आंकड़ों में सामने आई स्थिति
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्ष 2016-17 और 2021-22 के दौरान कुल 5117 प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए थे। इनमें से अधिकांश लाभुकों ने अपने आवास का निर्माण कार्य पूरा कर लिया है, लेकिन कुछ ऐसे भी मामले सामने आए हैं, जहां लाभुकों ने योजना की राशि प्राप्त करने के बावजूद अब तक मकान निर्माण का कार्य शुरू नहीं किया है। यह स्थिति प्रशासन के लिए चिंता का विषय बनी हुई है, क्योंकि योजना का उद्देश्य जरूरतमंदों को पक्का घर उपलब्ध कराना है, लेकिन कुछ लाभुक इस सुविधा का सही उपयोग नहीं कर रहे हैं।
नए लक्ष्य की प्रगति भी सामने आई
वहीं, वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए कुल 1338 पीएम आवास की स्वीकृति दी गई है। इनमें से अब तक 203 आवासों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जबकि 634 आवासों पर काम जारी है। हालांकि, शेष आवासों का निर्माण अभी तक शुरू नहीं हो पाया है, जिससे प्रशासन की चिंता और बढ़ गई है। अधिकारियों का मानना है कि यदि समय रहते इन मामलों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो योजना के लक्ष्य को पूरा करना मुश्किल हो सकता है।
बीडीओ की सख्त चेतावनी
प्रखंड विकास पदाधिकारी पूजा कुमारी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि प्रखंड क्षेत्र में ऐसे कई लाभुक हैं, जिनके बैंक खाते में योजना की राशि पहले ही भेजी जा चुकी है, लेकिन उन्होंने अब तक आवास निर्माण पूरा नहीं किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे सभी लाभुकों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। यदि कोई लाभुक न तो निर्माण कार्य शुरू करता है और न ही प्राप्त राशि वापस करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए केस दर्ज किया जाएगा। प्रशासन के इस सख्त रुख से साफ है कि अब योजना में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।